मुंबई सत्र अदालत ने टीवी प्रोड्यूसर नीरज ग्रोवर की हत्या के मामले में 1 जुलाई 2011 को कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसाइराज को तीन साल और पूर्व नौसेना अधिकारी एमिले जेरोम मैथ्यू को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सुनवाई के दौरान ही मारिया और जेरोम तीन साल जेल में रह चुके हैं, इस कारण मारिया सुसाइराज को 2 जुलाई 2011 को जेल से रिहा कर दिया गया. जबकि जेरोम को अभी सात वर्ष की सजा और काटनी है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एनडब्ल्यू चांदवानी ने नीरज की हत्या कर उसके शव के 300 टुकड़े करने वाले जेरोम को महज गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही जेरोम पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. नीरज की हत्या के वक्त मौके पर मौजूद रही मारिया को अदालत ने सिर्फ सबूत मिटाने का दोषी करार दिया और उसे तीन साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.
ज्ञातव्य हो कि 7 मई 2008 को टीवी प्रोड्यूसर नीरज ग्रोवर की नृशंस हत्याकांड में मुंबई पुलिस ने मारिया और उसके मंगेतर जेरोम को 21 मई 2008 को गिरफ्तार किया था. अभियोजन पक्ष ने दोनों पर हत्या, हत्या की साजिश और हत्या के बाद सबूत मिटाने के आरोप लगाए थे. लेकिन पुलिस इस बहुचर्चित मामले में न तो हत्या का मकसद साबित कर पाई और न ही इतने सबूत दे पाई कि आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत सजा हो सके.
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