टैक्स छूट को लेकर सुर्खियों में रही मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की लाल फेरारी को सूरत के व्यवसायी जयेश देसाई ने जून 2011 के तीसरे सप्ताह में खरीदी. ज्ञातव्य हो कि सचिन को यह फेरारी फॉर्मूला वन रेसिंग के दिग्गज माइकल शूमाकर ने भेंट की थी.
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की लाल फेरारी वर्ष 2003 में तब सुर्खियों में रही थी, जब सचिन ने इस पर सीमा शुल्क माफ किए जाने की गुजारिश की थी. सचिन ने तर्क दिया था कि उन्हें यह कार तोहफे में मिली है, न कि किसी टूर्नामेंट में इनाम के रूप में. अगस्त 2003 में वित्त मंत्रालय ने सचिन को 75 लाख रुपये की कीमत वाली इस कार पर सीमा शुल्क के रूप में लगाया गया एक करोड़ 13 लाख रुपये का टैक्स भरने से छूट दे दी थी.
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फेरारी कार निर्माता कंपनी फिएट ने सचिन को डॉन ब्रेडमैन के 29 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी करने पर तोहफे में दी थी। कंपनी की ओर से फॉर्मूला वन ड्राइवर शूमाकर ने 2002 में इंग्लैंड के सिल्वरस्टोन में सचिन को यह फेरारी भेंट की थी. सीमा शुल्क माफ किए जाने पर उठे बवाल के मद्देनजर कार निर्माता कंपनी फिएट ने कार पर लगाए गए सीमा शुल्क की रकम अदा की थी.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation