सर्वोच्च न्यायालय ने 5 दिसंबर 2013 को मिलावटी दूध का उत्पादन और विपणन में संलग्न लोगों को आजीवन कारावास की सजा का समर्थन किया. अदालत ने राज्य सरकारों से कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया, जैसे - उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा द्वारा किया गया है.
न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति ए के सिकरी की खंडपीठ ने सलाह दी कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम में उल्लेखित छह माह की अधिकतम सजा का प्रावधान नाकाफी हैं. सर्वोच्च न्यायालय की यह निर्णय एक जनहित याचिका जिसमें विभिन्न राज्य सरकारों में बड़े पैमाने पर हो रहे दूध में मिलावट को रोकने की सुनवाई के दौरान आया.
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI ) की स्थापना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गयी थी. यह अभी तक विभिन्न अधिनियमों और आदेशों को समेकित करता है और विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में खाद्य संबंधी मुद्दों को संभालता है. एफएसएसएआई को खाद्य और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करने के लिए विज्ञान आधारित मानकों के तहत बनाया गया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एफएसएसएआई के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक मंत्रालय है.
मिलावट की परिभाषा
मिलावट का मतलब किसी भी सामाग्री या भोजन से है जो असुरक्षित या घटिया या गलत ब्रांडेड या असंगत तरीके से युक्त बना कर नियोजित किया जा सकता है.
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