मिस्र में हुए राष्ट्रपति चुनाव में मुस्लिम ब्रदरहुड के उम्मीदवार मुर्सी 24 जून 2012 को विजेता घोषित किये गए. उन्हें राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण (रन ऑफ) में 51.73 प्रतिशत मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी मिस्र की सेना और पूर्व राष्ट्रपति मुबारक के करीबी पूर्व प्रधानमंत्री अहमद शफीक को 48.2 प्रतिशत मत मिले. राष्ट्रपति के लिए हुए चुनाव में कुल 51.58 प्रतिशत पड़े थे. मुर्सी को मिस्र के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 24 प्रतिशत मत मिले थे.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए 16 और 17 जून 2012 को हुए दूसरे दौर के निर्णायक मतदान से एक दिन पहले 14 जून 2012 को मिस्र की सर्वोच्च संवैधानिक अदालत ने 2011 के संसदीय चुनाव को असंवैधानिक करार देते हुए संसद को भंग कर दिया था. संसदीय चुनाव में मुस्लिम ब्रदरहुड को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं.
मोहम्मद मुर्सी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तब बनाया गया, जब ब्रदरहुड के प्रभावशाली नेता खैरात अल-शातेर को चुनावी दौड़ से मजबूरी में बाहर होना पड़ा. अल-शातेर पर होस्नी मुबारक शासनकाल के दौरान आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे. इस वजह से उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी.
इनका जन्म 20 अगस्त 1950 को नील डेल्टा के प्रांत शरकिया के एक गाँव में हुआ. मोहम्मद मुर्सी ने वर्ष 1970 में काहिरा यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की और बाद में पीएचडी करने अमरीका चले गए. मोहम्मद मुर्सी ने वर्ष 2000 से वर्ष 2005 तक ब्रदरहुड के संसदीय ब्लॉक में बतौर निर्दलीय काम किया. वह वर्ष 2001 से 2005 तक निर्दलीय सांसद थे. उन्हें ब्रदरहुड का प्रवक्ता बनाया गया और वर्ष 2011 में मुबारक के सत्ता से हटने के बाद वे फ्रीडम पार्टी के अध्यक्ष बन गए. राष्ट्रपति के पद पर चुने जाने के बाद मोहम्मद मुर्सी ने मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ ही फ्रीडम इन जस्टिस पार्टी के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया.
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