पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता राजा परवेज़ अशरफ ने 22 जून 2012 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली. वह क्रम में पकिस्तान के 25वें तथा व्यक्ति के रूप में 17वें प्रधानमंत्री बने. राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ के साथ उनकी मंत्रिमंडल के रूप में 27 केंद्रीय मंत्री और 11 राज्य मंत्री ने भी शपथ लिया.
इसके पूर्व 342 सदस्यों वाली सदन नेशनल असेम्बली में प्रधानमंत्री के लिए हुए मतदान में अशरफ को कुल पड़े 300 मतों में से 211 मत मिले थे. जबकि पीएमएल (एन) के महताब अब्बासी को 89 वोट मिले थे.
राजा परवेज़ अशरफ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में युसुफ रज़ा गिलानी का स्थान लिया. युसुफ रज़ा गिलानी ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन्हें 19 जून 2012 को पद पर बने रहने के लिए अयोग्य करार देने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. गिलानी पर आरोप था कि उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ दायर भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र नहीं लिखा था तथा अदालत की अवमानना की थी.
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा युसुफ रज़ा गिलानी को प्रधानमंत्री के पद से अयोग्य करार देने के बाद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कपड़ा उद्योग मंत्री मख़दूम शहाबुद्दीन को प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकित किया था.परन्तु उनके नाम को संसद की मंजूरी मिलने से पूर्व ही उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी हो गया था.
26 दिसम्बर 1950 को सिंध के संघर गांव में जन्में राजा परवेज अशरफ का संबंध पंजाब के तालुक़ा गुजर ख़ान से है. वह रावलपिंडी की एक रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखते हैं. अशरफ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के महासचिव रह चुके हैं. वह वर्ष 2002 और 2008 में रावलपिंडी की गूजर खान निर्वाचन क्षेत्र से संसद के निचले सदन नेशनल एसेंबली के लिए चुने गए. वह गिलानी की सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रहे. वर्ष 2008 के आम चुनाव के बाद जब पीपुल्स पार्टी ने सत्ता संभाली थी तो वह पानी और बिजली विभाग के केंद्रीय मंत्री नियुक्त हुए थे. उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 9 फरवरी 2011 को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद उन्हें सूचना और तकनीक विभाग का केंद्रीय मंत्री बनाया गया था.
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