वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान भारतीय रेल ने बिजली घर के लिए कोयला, स्टील प्लांट के लिए कोयला, इस्पात कंपनियों के लिए लौह अयस्क और सीमेंट जैसे कमोडिटी की लक्ष्य से अधिक माल की ढुलाई की. यह आंकड़े रेल मंत्रालय द्वारा 18 अप्रैल 2014 को जारी किए गए.
भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान वस्तुवार माल ढुलाई से 93468.84 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त किया जबकि वित्त वर्ष 2012-13 की इसी अवधि में यह राजस्व 84791.33 करोड़ रूपए था.
भारतीय रेल ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान 1053.55 मिलियन टन वस्तुवार माल ढुलाई की जो कि यह बजट 2013-14 अनुमान से 95 लाख टन अधिक है. वित्त वर्ष 2012-13 के इसी अवधि में कुल 1009.89 मिलियन टन वस्तुवार माल ढुलाई हुई थी.
वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान भारतीय रेल को 24.25 मिलियन टन लौह अयस्क का निर्यात, इस्पात संयंत्रों और अन्य घरेलू उपभोक्ताओं से 9163.67 करोड़ रूपए का जबकि 508.10 मिलियन टन कोयले की ढुलाई से 39987.15 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ.
वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान सीमेंट (109.81 मिलियन टन) से 8665.32 करोड़ रूपए का, अनाज (54.38 मिलियन टन) से 7894.39 करोड़ रूपए की कमाई हुई.
वित्त वर्ष 2013-14 में पेट्रोलियम उत्पाद और ल्यूब्रीकेंट के 41.94 मिलियन टन की ढुलाई से 5405.37 करोड़ रूपए, 44.38 मिलियन टन रासायनिक खाद्य से 4535.89 करोड़ रूपए, विभिन्न इस्पात संयंत्रों और इकाईओं से 38.55 मिलियन टन कच्चा लोहा और तैयार इस्पात से 5805.33 करोड़ रूपए तथा इस्पात संयंत्रों के लिए 17.33 मिलियन टन कच्चे माल से 1560.81 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ.
इसी दौरान 43.60 मिलियन टन की कंटेनर सेवाओं से 4339.62 करोड़ रूपए तथा 71.21 मिलियन टन अन्य वस्तुओं की ढुलाई से 6111.29 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ.
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