विश्व बैंक तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 28 अप्रैल 2015 को जारी किये एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2015-16 में भारत की सकल घरेलू विकास दर (जीडीपी) 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है. इससे पहले ग्लोबल रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने 24 अप्रैल 2015 को विकास दर 7.9 रहने का अनुमान लगाया था.
वर्ल्ड बैंक के अनुसार भारत की विकास दर वर्ष 2017 तक 8 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान है. ऐसा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत विस्तार एवं कच्चे तेल की अनुकूल कीमतों से संभव होगा.
बैंक ने अपनी छमाही रिपोर्ट में कहा है कि इस साल और अगले साल निवेश 12 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने के आसार हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत खपत की बजाय निवेश आधारित विकास की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है जबकि चीन इसके विपरीत प्रयासों पर कार्य कर रहा है.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार 7.5 फीसदी विकास दर के साथ 2015-16 में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व के सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था बन जाएगी. वर्ष 2014-15 में भारत की विकास दर 7.2 फीसदी और चीन की 7.4 फीसदी थी. आईएमएफ का अनुमान है कि 2015 में चीन की विकास दर घटकर 6.8 फीसदी और 2016 में 6.3 फीसदी रह सकती है.
इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015-16 में विकास दर 8 से 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अनुमान 7.8 प्रतिशत था.
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