संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) ने विश्व की भूखमरी पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट 'विश्व में खाद्य असुरक्षा की स्थिति 2015' नामक रिपोर्ट 27 मई 2015 को जारी की. यह रिपोर्ट एफएओ, कृषि विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय कोष (International Fund for Agricultural Development, आईएफएडी) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme, डब्ल्यूएफपी) द्वारा जारी की गई.
रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में भूखे लोगों की संख्या में कमी आई है. वर्ष 1990-92 में दुनिया में एक अरब लोग भूखे थे. वर्ष 2014-15 में यह संख्या घट कर 79.50 करोड़ हो गई. जनसंख्या वृद्धि के बावजूद, विकासशील क्षेत्रों में यह गिरावट अधिक स्पष्ट है. चीन और पूर्वी एशिया के दूसरे देशों में स्थिति में ज़्यादा सुधार हुआ है.
रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं
• विकासशील क्षेत्रों में, भूखे लोगों की एक बड़ी संख्या, सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त भोजन का उपभोग करने में असमर्थ हैं, रिपोर्ट के अनुसार ऐसे लोगों के अनुपात में जनसंख्या का 12.9 प्रतिशत की गिरावट आई है.
• संयुक्त राष्ट्र ने रिपोर्ट में यह भी कहा है कि वर्ष 2015 तक सहस्राब्दि विकास लक्ष्य हासिल करने के मामले में 129 में से 72 देशों को कामयाबी मिली है. इसके अलावा 29 देशों ने वर्ष 1996 में हुए विश्व खाद्य शिखर सम्मेलन के लक्ष्यों को हासिल कर लिया है.
• विश्व के सर्वाधिक भूखों की संख्या उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र में है जहां भूखों की संख्या 23.2 प्रतिशत है. अर्थात लगभग प्रत्येक चार में से एक भूखा है. परन्तु पश्चिमी अफ्रीका जैसे कुछ अन्य देश सहस्राब्दि विकास लक्ष्य हासिल करने के मामले में कामयाब रहे.
• लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों में भूखे लोगों का अनुपात वर्ष 1990 की तुलना में 14.7 प्रतिशत से गिरकर 5.5 प्रतिशत हुआ.
• दक्षिण एशिया में भुखमरी में 15.7 प्रतिशत की गिरावट हुई जो इसके पहले 23.9 प्रतिशत थी. परन्तु अत्याधिक प्रगति सामान्य से कम वजन के युवा बच्चों में कमी करने में हुई.
• भुखमरी के मामले में चीन ने भारत से बेहतर काम किया है. वहां वर्ष 1990-92 में भूखे लोगों की संख्या 28 करोड़ 90 लाख थी, जो वर्ष 2014-15 में घट कर 13 करोड़ 38 लाख रह गई.
भारत में खाद्य असुरक्षा की स्थिति
• भारत में भूखे लोगों की संख्या विश्व में सबसे ज़्यादा है. संयुक्त राष्ट्र की संस्था के अनुसार भारत में 19.40 करोड़ भूखे लोग हैं.
• भारत में भी भूखों की संख्या में कमी आई है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 1990 में भारत में भूखों की संख्या 21 करोड़ 10 लाख थी.
• रिपोर्ट में कहा गया है, 'पूरी आबादी के मुक़ाबले भूखे लोगों की तादाद में कमी लाने की दिशा में भारत ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. उम्मीद की जाती है कि भारत में चल रहे सामाजिक कार्यक्रम ग़रीबी और भूख के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी रखेंगे'.
• भारत में 194.6 लाख लोग अभी भी कुपोषित हैं. अभी भी दुनिया में कुपोषित लोगों की दूसरी सबसे अधिक संख्या भारत में रहती है.
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