विश्व भर में जनसंख्या वृद्धि में प्रथम बार 50 प्रतिशत का योगदान शहरों में जन्मे बच्चों का है. यूनिसेफ द्वारा 29 फरवरी 2012 को जारी किए गए रिपोर्ट में यह आंकड़े दिए गए. यूनिसेफ द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट का नाम है - द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन 2012: चिल्ड्रन इन एन अर्बन वर्ल्ड (The State of the World's Children 2012: Children in an Urban World).
यूनिसेफ की द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन 2012: चिल्ड्रन इन एन अर्बन वर्ल्ड नामक रिपोर्ट के अनुसार शहरी झुग्गियों में रह रहे बच्चों की स्थिति गांवों के मुकाबले बहुत दयनीय है. अपरिहार्य शहरीकरण कस्बों के लाखों करोड़ों बच्चों को महत्वपूर्ण सेवाओं से वंचित रख रहा है. रिपोर्ट के अनुसार आधारभूत सुविधाओं तथा सेवाओं का विकास शहरी विकास के अनुरूप नहीं हो पा रहा है. इस कारण बच्चों की प्राथमिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही हैं. सुझाव के तौर पर रिपोर्ट में अमीर और गरीब बच्चों के लिए समानता पर ध्यान केंद्रित करना विशेष तौर पर सुविधाहीन बच्चों को प्राथमिकता देना बताया गया है.
यूनिसेफ (UNICEF: United Nations International Children's Emergency Fund) की रिपोर्ट 190 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में प्रारंभिक बचपन से किशोरावस्था तक के बच्चों के विकास पर आधारित है.
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