सर्वोच्च न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए न्यायमूर्ति राजेन्द्र मल (आर एम) लोढ़ा के नाम की घोषणा 11 अप्रैल 2014 को हुई. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा के नियुक्ति का आदेश जारी किया.
सर्वोच्च न्यायालय में दूसरे नंबर के वरिष्ठतम न्यायाधीश, न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा 27 अप्रैल 2014 को भारत के 41 वें मुख्य न्यायाधीश का पद भार संभालेंगे. सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति पी. सतशिवम 26 अप्रैल 2014 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे.
जस्टिस लोढ़ा करीब पांच महीने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे. वे वर्ष 2014 के सितंबर महीने में सेवानिवृत्त हो जाएंगे.
विदित हो कि जस्टिस लोढ़ा वर्तमान में कोयला घोटाले, दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई कर रहे हैं. कुछ दिनों पूर्व उन्होंने सांसदों व विधायकों के खिलाफ अदालतों में लंबित आपराधिक मुकदमों की सुनवाई एक साल में पूरी करने का फैसला सुनाया था.
न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा से संबंधित मुख्य तथ्य
न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा का जन्म राजस्थान के जोधपुर में वर्ष 1949 में हुआ. इनके पिता एस के मल लोढ़ा भी राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश रह चुके है. न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा वर्ष 1973 में राजस्थान बार काउंसिल में पंजीकृत हुए. जनवरी 1994 में वे राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए और 15 दिन बाद ही उन्हें बांबे हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया. न्यायमूर्ति लोढ़ा 13 वर्ष तक बांबे हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे. फरवरी 2007 में वे पुनः राजस्थान हाईकोर्ट स्थानांतरित हुए. 13 मई 2008 को वे पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और 17 दिसंबर 2008 को वे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर नियुक्त हुए.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation