सिएरा लियोन के राष्ट्रपति अर्नेसट बाई कारोमा ने 30 जुलाई 2014 को सिएरा लियोन में घातक इबोला प्रकोप से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा की. इबोला से अब तक सिएरा लियोन में करीब 233 लोगों की जान जा चुकी है.
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक फरवरी 2014 से अब तक इबोला से पश्चिम अफ्रीका में 729 लोगों की मौत हो चुकी है. यह प्रकोप दुनिया का अब तक का दर्ज किया गया सबसे बड़ा प्रकोप है और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ इससे तीन अफ्रीकी राजधानियों मोनरोविया (लाइबेरिया), फ्रीटाउन (सिएरा लियोन) और कोनाक्री (गिनी) संक्रमित हैं.
इबोला के मामले सबसे पहले मार्च 2014 में गिनी में सामने आए. उसके बाद यह लाइबेरिया और सिएरा लियोन की सीमाओं में भी फैल गया.
डब्ल्यूएचओ ने 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रतिक्रिया प्लान की घोषणा की
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख और इबोला प्रकोप से प्रभावित पश्चिमी अफ्रिकी देशों के नेताओं ने 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के रेस्पांस प्लान की घोषणा करने का फैसला किया है.
इबोला के प्रकोप और लगातार बढ़ रहे खतरे ने डब्ल्यूएचओ और गिनी, लाइबेरिया एवं सिएरा लियोन को अपने प्रयासों को नए स्तर पर ले जाने के लिए विवश किया है. इसके लिए संसाधनों में वृद्धि, देश में चिकित्सा विशेषज्ञों, क्षेत्रीय तैयारीयों और समन्वय की आवश्यकता होगी.
डब्ल्यूएचओ की नई योजना के महत्वपूर्ण तत्व हैं–
- प्रभावी, साक्ष्य आधारित प्रकोप नियंत्रण उपायों के जरिए प्रभावित देशों में प्रसार को रोकना.
- महामारी से लड़ने वाली तैयारियों को मजबूत बनाकर और प्रतिक्रिया उपायों के जरिए इबोला को जोखिम वाले पड़ोसी देशों में फैलने से रोकना.
अन्य घटनाक्रम में
- सेशेल्स ने इबोला वायरल से घबराकर सिएरा लियोन के खिलाफ राष्ट्रीय क्वालिफायर वाले वर्ष 2015 के अफ्रीका कप को रद्द कर दिया है.
- नाइजीरिया को इबोला ग्रस्त इलाकों से आने वाले यात्रियों के तापमान की स्क्रीनिंग करने का आदेश दिया गया है और साथ ही लागोस में पहला इबोला मामला पहुंचने से रोकने के लिए अफ्रीकी एयरलाइन को निलंबित करने को भी कहा गया है.
- इसके अलावा, अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों ने कहा है कि वे संभावित टीके का परीक्षण सितंबर 2014 से शुरु करेंगे.
इबोला– वायरस
- इबोला संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ के साथ मानव संपर्क की वजह से फैलता है.
- आरंभिक फ्लू जैसे लक्षण आंखों या मसूड़ों में बाहरी रक्तस्राव की वजह बन सकते हैं और आंतरिक रक्तस्राव भी हो सकता है जिससे अंग काम करना बंद कर देते हैं.
- मृत्यु दर 90% तक पहुंच सकती है.
- उष्मायन अवधि 2 से 21 दिनों की है.
- इसके लिए कोई टीका या इलाज उपलब्ध नहीं है.
- डायरिया या दस्त के मरीजों को फिर ले जलयोजित (रिहाइड्रेटिंग) करने जैसी सहायक देखभाल से मरीजों को ठीक करने में मदद मिल सकती है.
- इस वायरस का प्राकृतिक होस्ट फ्रूट बैट्स को माना जा रहा है.


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