जानें 5G नेटवर्क की विशेषताएं क्या हैं

भारत में अभी भी 4G नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, मगर दुनियाभर के टेलिकॉम ऑपरेटर्स मोबाइल टेक्नॉलजी की अगली जेनरेशन 5G लाने की तैयारी में जुट गए हैं। 3G और 4G के मामले में पीछे रही भारत सरकार चाह रही है कि 5G के मामले में वह दुनिया के अन्य देशों के साथ चल सकेl इसीलिए उसने 5G लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस लेख में हमने 5G नेटवर्क, उसकी स्पीड, उसकी खूबियां और कमियां जैसे सवालों का जवाब देने की कोशिश की हैl इसके साथ ही भारत में 5G को लेकर क्या तैयारी की जा रही है, उसका भी विवरण दे रहे हैंl
Apr 25, 2017 12:44 IST

    भारत में अभी भी 4G का विस्तार हो रहा है मगर दुनियाभर के टेलिकॉम ऑपरेटर्स मोबाइल टेक्नॉलजी की अगली जेनरेशन 5G लाने की तैयारी में जुट गए हैं। 3G और 4G के मामले में पीछे रही भारत सरकार चाह रही है कि 5G के मामले में वह दुनिया के अन्य देशों के साथ चल सकेl इसीलिए उसने 5G लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस लेख में हमने 5G नेटवर्क, उसकी स्पीड, उसकी खूबियां और कमियां जैसे सवालों का जवाब देने की कोशिश की हैl इसके साथ ही भारत में 5G को लेकर क्या तैयारी की जा रही है, उसका भी विवरण दे रहे हैंl

    5G नेटवर्क क्या है?

     5G network
    Image source: ITU News Magazine
    5G पांचवीं जेनरेशन की तकनीक है जो आज से करीब 2 साल बाद फास्ट मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क पर काम करेगीl 5G नेटवर्क 20 Gb प्रति सेकेण्ड की स्पीड देगीl अभी 4G नेटवर्क 1 Gb प्रति सेकेण्ड की ही स्पीड दे रही है।

    डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 9 प्रमुख स्तंभ

    5G की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?

     speed of 5G
    Image source: CNET
    5G यूजर 3 घंटे की HD फिल्म को 1 सेकंड से भी कम समय में डाउनलोड कर सकेंगे जबकि अभी 4G में इस काम के लिए 10 मिनट लग जाते हैंl विडियो बफरिंग का समय भी लगभग समाप्त हो जाएगा क्योंकि डेटा ट्रांसफर बिजली की रफ्तार से होगाl 5G नेटवर्क डेटा को 1 मिलीसेकंड से भी कम में डिलिवर कर देंगे जबकि अभी 4G नेटवर्क इसमें 70 मिलीसेकंड लेते हैंl

    5G आने से क्या बदलाव होंगे?

     features of 5G
    Image source: JabbaTalk
    विशेषज्ञों का मानना है कि 5G टेक्नॉलजी से पूरी तरह कनेक्टेड सोसाइटी बनने का रास्ता खुलेगा। इससे मशीन-टु-मशीन कम्यूनिकेशंस (M2M), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कनेक्टेड स्मार्ट सिटीज़, स्वचालित कार, रिमोट कंट्रोल सर्जरी से लेकर वर्चुअल रिएलिटी जैसी सेवाओं का विस्तार होगाl उदाहरण के लिए, M2M तकनीक के अंतर्गत वायर्ड और वायरलेस डिवाइसेज सेंसर्स की मदद से लोग एक-दूसरे से बातचीत या संपर्क स्थापित कर सकेंगेl 5G से लोग अपने घर को इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर या सेंसर टेक्नॉलजी से लैस करके वायरलेस नेटवर्स से कनेक्ट कर सकते हैंl उदाहरण के लिए, घर के सिक्यॉरिटी सिस्टम को वायरलेस नेटवर्क के जरिए दूर से ही कंट्रोल किया जा सकेगाl

    दुनिया के 10 सबसे खतरनाक कम्प्यूटर वायरस

    5G के लिए आदर्श स्पेक्ट्रम बैंड

    5G नेटवर्क 3400 MHz, 3500 MHz और 3600 MHz बैंड्स पर चल सकते हैं, लेकिन 3500 MHz बैंड को आदर्श माना जाता है। इसके साथ ही मिलीमीटर वेव स्पेक्ट्रम 5G में अहम भूमिका निभा सकता है। इन्हें मिलीमीटर वेव्स इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनकी लेंग्थ 1 से 10mm होती हैl मिलीमीटर तरंगें 30 से 300 GHz फ्रीक्वेंसी पर काम करती हैं। अभी तक इन तरंगों को सैटलाइट नेटवर्क और रडार प्रणाली में इस्तेमाल किया जाता हैl
    अगर 5G में मिलीमीटर वेव्स इस्तेमाल की जाती हैं तो इसका श्रेय सर जगदीश चंद्र बोस को भी जाएगा। उन्होंने 1895 में ही दिखाया था कि इन वेव्स को कम्यूनिकेशन के लिए यूज किया जा सकता है।

    5G लाने के लिए दुनिया में हो रही तैयारी

    KT Corporation
    Image source: Koei
    ऐसी उम्मीद है कि 2019 तक बड़े पैमाने पर 5G का ट्रायल शुरू हो जाएगा। साउथ कोरियन कैरियर “KT Corporation” तो शीतकालीन ओलम्पिक 2018 से पहले ही इसे लॉन्च कर सकता हैl अमेरिका में “AT&T” और “Verizon” ने 5G का ट्रायल शुरू कर दिया हैl “वेरिजॉन” स्वीडन की कंपनी “एरिक्सन” के साथ मिलकर अमेरिका की 11 मार्केट्स में 5G फिक्स्ड वायरलेस सेवा का ट्राइल कर रहा है। अगले साल इन सेवाओं को व्यावसायिक रूप से शुरू किया जा सकता हैl अमेरिका की दूरसंचार विनियामक संस्था “FCC” ने अमेरिका में 2020 तक 5G लॉन्च करने के लिए प्लान तैयार कर रखा हैl जापान में “DoCoMo” और “Intel” मिलकर सेंट्रल टोक्यो में अगले साल 5G का ट्रायल शुरू करेंगे।

    5G की खामियां

    शोधकर्ताओं का कहना है कि 5G फ्रीक्वेंसी को मकानों की दीवारें ब्लॉक कर सकती हैं, जिससे लंबी दूरी तक इनका घनत्व भी कम हो जाएगा, जिससे नेटवर्क कमजोर हो जाएगी। उदाहरण के लिए अगर भविष्य में 5G के लिए मिलिमीटर तरंग इस्तेमाल होती हैं, तो कवरेज का इशू हो सकता है, क्योंकि ऐसी तरंगें इमारतों को भेद नहीं पातीं हैंl इसके अलावा पेड़-पौधे और बारिश से भी इनके नेटवर्क कमजोर हो सकते हैं।

    भारत में 5G की स्थिति क्या है

    भारत सरकार ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) से कहा है कि वह 3400 से 3600 MHz बैंड्स की नीलामी के लिए शुरूआती दाम सुझाएl ट्राई ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। दूरसंचार मंत्रालय जल्द ही इस संबंध में एक पॉलिसी भी ला सकती है। दरअसल विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में 5G जैसी फास्ट वायरलेस टेक्नॉलजी लाने से पहले डेटा होस्टिंग और क्लाउड सर्विसेज के लिए विनियामक शर्तों में बदलाव लाया जाना चाहिए।
    कंप्यूटर से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य

    Loading...

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    Loading...
    Loading...