Haunted Places: मध्यप्रदेश के इन इलाकों में सालों से वीरान पड़े हैं ये स्थल, भूतों का बताया जाता है डेरा
Haunted Places: भारत में विभिन्न प्रकार की मान्यताएं हैं। एक तरफ जहां लोगों की देवी-देवताओं में आस्था है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग भूत-प्रेतों में भी विश्वास रखते हैं। इसे लेकर हमारे सामने भूतों से जुड़ी कई कहानियों आती हैं, जिन्हें सुनकर हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको मध्यप्रदेश के कुछ ऐसे स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां सालों से कोई नहीं गया और अब इन जगहों पर स्थानीय लोग भूत होने का दावा करते हैं।
Haunted Places: भारत में विभिन्न प्रकार की मान्यताएं मौजूद हैं। एक तरफ जहां लोगों की देवी-देवताओं में आस्था है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग नकारात्मक शक्तियों में भी विश्वास रखते हैं। साथ ही भूत-प्रेतों की मौजूदगी बताते हैं। यही वजह है कि बचपन से लेकर अब तक आपने अपने बड़ों से उनके गांव-देहात के किस्सों में भूत-प्रेत का जिक्र सुना होगा। इसके अलावा आज भी शहरों में कई ऐसी जगह मौजूद हैं, जहां भूत-प्रेत होने का दावा किया जाता है। इस कड़ी में आज हम आपको भारत के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश के कुछ डरावने स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां लोगों ने अलग-अलग प्रकार की नकारात्मक शक्तियों को महसूस किया है। लोगों ने यह दावा किया है कि उन्हें इन स्थलों पर सफेद साड़ी में महिलाओं से लेकर आत्माओं की मौजदूगी महसूस हुई है। मध्यप्रदेश में कहां हैं ये जगहें और क्या है पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

डाव इंडस्ट्रीयल कांप्लेक्स
यह जगह मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित है, जो कि भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी हुई है। जागरण डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों का कहना है कि यहां पर आत्माओं को साया रहता है। गैस त्रासदी के दौरान फैक्ट्री में कई लोगों की मौत हुई थी, जिससे उन लोगों की आत्मा यहां पर रहती है। कुछ लोगों द्वारा यहां पर डरावनी घटनाओं की पुष्टि करने के बाद इस फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है, जिसके बाद से यहां पर कोई नहीं जाता है। आपको बता दें कि साल 1984 में 2 दिसंबर की रात में भोपाल में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के कीटनाशक संयंत्र में खतरनाक गैस मिथाइल आइसोसाइनेट(MIC) का रिसाव हो गया था, जिससे शहर में करीब 15,000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी, वहीं लाखों लोग इस घटना से घायल हो गए थे। उस समय रातों-रात सभी अस्पताल भर गए थे। गैस की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया था। इसके साथ ही कई जानवरों को भी अपनी जान गवानी पड़ी थी। यह घटना औद्योगिक क्षेत्र में सबसे बड़ी त्रासदी के रूप में गिनी जाती है।
भोपाल का ताजमहल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी एक ताजमहल है, जो कि यहां बेगम का निवास स्थान हुआ करता था। यह महल 1871 से 1884 तक बड़े महलों में से एक हुआ करता था। पहले इसे राजमहल के नाम से जाना जाता था, हालांकि बाद में इसका नाम ताजमहल कर दिया गया। कुछ समय तक यहां पर पर्यटक भी पहुंचे। जागरण डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यटकों ने इस महल में एक महिला को सफेद कपड़ों में एक खिड़की से दूसरी खिड़की तक जाते हुए देखा है, जिसके बाद यहां पर किसी आत्मा की पुष्टि हुई थी। वहीं, एक बार इस महल का बड़ा हिस्सा गिर गया था, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया है। हालांकि, अब यहां पर पर्यटक जाते हैं, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर अब भी सफेद कपड़ों में महिला को देखा जाता है।
शिवपुरी किला
इस किले का इतिहास 2000 साल पुराना बताया जाता है। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां का राजा खंडेराव अपने मनोरंजन के लिए अलग-अलग प्रकार की पार्टियां रखता था। उस राजा की मौत के बाद यहां पर एक परिवार रहना भी पहुंचा, लेकिन परिवार में मौजूद महिलाओं के साथ अजीब हरकतें हुई, तो उन्होंने भी यह किला छोड़ दिया।
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