Sanskrit Cinema: ‘संस्कृत सिनेमा’ ये टर्म भले ही आज आपने पहली बार सुना हो पर इसका इतिहास बहुत पुराना है. भारत ही नहीं विश्व की सबसे प्राचीन भाषा माने जाने वाली संस्कृत आज बोले जाने वाली कई भाषाओं का आधार है. इसके बावजूद भी देश की अधिकतम आबादी न इस भाषा को बोल पाती है और न ही इसे समझ पाती है. साल 1983 से लेकर अब तक संस्कृत भाषा में करीब 15 फ़िल्में बन चुकी हैं. इनमें से कई फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए, पर ज्यादातर लोगों को इनमें से एक का नाम भी नहीं पता होगा.
आइये जानते हैं संस्कृत भाषा में बनी फिल्मों के बारे में
पहली फिल्म: आदि शंकराचार्य
संस्कृत भाषा में पहली फिल्म साल 1983 में बनी थी. 8वी सदी के दार्शनिक आदि शंकराचार्य पर आधारित ये फिल्म उनके जीवन और विचारों को लोगों तक पहुंचाने का काम करती है. कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री द्वारा बनायी गयी इस फिल्म में बंगाली एक्टर सर्वदमन डी. बनर्जी ने आदि शंकराचार्य का मुख्य किरदार निभाया था. 31वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में इस फिल्म को चार अवार्ड्स, बेस्ट फिल्म, बेस्ट स्क्रीनप्ले, बेस्ट सिनेमाटोग्राफी, बेस्ट ऑडियोग्राफी से सम्मानित किया गया था.
दूसरी फिल्म: भागवत गीता
भागवद गीता, आदि शंकराचार्य के बाद जी.वी अईयर की दूसरी फिल्म है. साल 1992 में बनी इस फिल्म को बन्नान्जे गोविन्दाचार्य ने लिखा था. फिल्म में बॉलीवुड अभिनेत्री नीना गुप्ता के साथ गोपी मनोहर, जी.वी राघवेन्द्र, गोविन्द राव, सूर्य मोहन और एक्टर कुलश्रेष्ठ ने काम किया था. आंध्र प्रदेश फिल्म चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया में प्रीमियर गयी संस्कृत भाषा में बनी इस फिल्म को वर्ष 1993 में 40वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में बेस्ट ‘नेशनल फिल्म अवार्ड फॉर बेस्ट फीचर फिल्म’ मिला था.
तीसरी फिल्म: प्रियामनासम
प्रियामनसम, माइथोलॉजी और वेदों से इतर संस्कृत भाषा में बनी पहली ड्रामा फिल्म है. राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ये फिल्म विनोद मनकारा द्वारा निर्देशित की गयी थी. इस फिल्म की कहानी एक लेखक उन्नई वारियर और उनके आखिरी प्ले पर आधारित है, जो महाभारत का एक अंश है. गीत, संगीत से भरपूर डेढ़ घंटे की इस फिल्म ने ‘बेस्ट फीचर फिल्म इन संस्कृत’ का अवार्ड अपने नाम किया था. साथ ही फिल्म इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (इफ्फी) में प्रदर्शित की गयी थी.
चौथी फिल्म: इश्ति
इश्ति, इसका अर्थ है ‘ खुद की खोज’. ये फिल्म केरल की पृष्ठभूमि पर संस्कृत भाषा में बनी दूसरी फिल्म है. लॉयला कॉलेज, चेन्नई के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट और संस्कृत में डिग्री होल्डर जी.प्रभा की ये फिल्म सामाजिक मुद्दे के बारे में है. ये फिल्म जातिवाद, महिलाओं के दमन और अन्य सामाजिक बुराइयों को दर्शाती है. इस फिल्म को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 46वें संस्करण में इंडियन पैनोरमा केटेगरी के अंदर ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाया गया था.
पांचवी फिल्म: सूर्यकांत
सूर्यकांत, संस्कृत भाषा की पांचवी और केरल में बनी तीसरी फिल्म है. एम. सुरेन्द्र द्वारा बनायी गयी ये फिल्म एक बुजुर्ग जोड़े के बारे में है जो कभी मशहूर कथाकली आर्टिस्ट थें. राजेश हेबर, सिमी बैजू, ओम्षा और बालाजी शर्मा जैसे कलाकारों वाली इस फिल्म को साल 2017 में केरल फिल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन के समारोह में ‘स्पेशल जूरी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था.
छठी फिल्म: अनुरक्ति
बाकि सभी फिल्मों से अलग, अनुरक्ति देश की पहली संस्कृत में बनी थ्री डी फिल्म है. इसके साथ ही ये फिल्म पहली संस्कृत भाषा में गाने के साथ बनी फिल्म भी है. ये फिल्म एक पंजाबी डांसर की कहानी है जो केरल आकर लोकनृत्य कूडियाट्टम् सीखती है. इस फिल्म की स्क्रीनिंग 2017 में 48वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया में किया गया था. साथ ही फिल्म को 5वें राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में स्पेशल जूरी अवार्ड दिया गया था.
सातवी फिल्म: अगोचर्याणव
‘कर्ण पर्व’ पर आधारित ये संस्कृत हिंदी फीचर फिल्म पूर्णिमा आर अईयर द्वारा निर्देशित की गयी है. ढाई घंटे की इस फिल्म को कर्नाटक के साथ शिमोगा, संस्कृत विलेज मटूर और कोडाचदरी हिल्स में शूट किया गया है. फिल्म का ट्रेलर 23 अगस्त 2020 को ट्विटर पर शेयर किया गया था.
New Sanskrit Movie Trailer 2020
— Poornima R Iyer (@sankula) August 23, 2020
"AGOCHARARNAVAH"
Please Watch and Bless Us! 🙏https://t.co/2QW7MGSoXy@blsanthosh @narendramodi @PrakashJavdekar
आठवी फिल्म: पुण्यकोटि
पुण्यकोटि, संस्कृति भाषा में बनी पहली एनिमेटेड फिल्म है. रविशंकर वेंकटेस्वर द्वारा बनायी गयी ये फिल्म एक कन्नड़ लोकगीत पर आधारित है. इस फिल्म में एक गाय की कहानी को दिखाया गया है जो हमेशा सच बोलती है. पदमा पूरण में अंकित इस गीत में इंसान और जानवर के बीच के भेद को एंटरटेनमेंट और इनफार्मेशन के बैलेंस के साथ दिखाया गया है.
नौवी फिल्म: प्रतिकृति
प्रतिकृति संस्कृत में बनी भारत की पहली कमर्शियल फिल्म है. देवलग प्रोडक्शन द्वारा बनायी गयी इस फिल्म में निपिन उन्नी ने मुख्य किरदार निभाया है. साथ ही इसका निर्देशन डॉ. निधीश गोपी ने किया है. इस फिल्म का ऑफिशियल ट्रेलर मार्च 25, 2021 को शेयर किया गया था.
दसवी फिल्म: मधुभास्मिथम
मधुभास्मिथम 2021 में संस्कृत भाषा में बच्चों के लिए बनायी गयी दुनिया भर में पहली फिल्म है. सुरेश गायत्री द्वारा निर्देशित ये पहली फिल्म सरकारी स्कूलों और वहां पढ़ने वाले बच्चों के अच्छे साइड को दिखाती है. राजस्थान के पहले राष्ट्रीय संस्कृत फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म की स्क्रीनिंग की गयी थी.
ग्यारहवी फिल्म: नमो
फिल्म नमो विजीश मणि ने बनायी है. ये फिल्म राजा और उसकी प्रजा के बीच के रिश्ते पर आधारित है. फिल्म का प्लाट आज के समय से शुरू होकर पौराणिक काल की तरफ बढ़ जाता है. 102 मिनट की ये फिल्म साल 2019 में बनी थी ही इसकी स्क्रीनिंग 51वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया में भी की गयी थी.
बारहवी फिल्म: समस्या
नाम के अनुरूप इस फिल्म में समस्या और समाधान के बारे में चर्चा की गयी है. पर्यावरण से जुड़ी समस्या के बारे में बात करती इस फिल्म के निर्देशक शिबू कुमारनल्लुर हैं. ‘Neestream’ पर रिलीज़ की गयी इस फिल्म को आप इंग्लिश और हिंदी सबटाइटल्स के साथ भी देख सकते हैं.
तेरहवी फिल्म: शाकुंतलम
संस्कृत भाषा में बनी अगली फिल्म है शाकुंतलम. दुष्यंत श्रीधर द्वारा बनायी जा रही ये फिल्म कवि कालीदास की रचना अभिन्जना शाकुंतलम पर आधारित है. इस फिल्म में पायल शेट्टी ने मुख्य किरदार निभाया है.
चौदहवी फिल्म: भगवदज्जुकम्
भगवदज्जुकम् ( The Monk and the Courtesan), ये फिल्म 7वी सदी के एक नाटक पर आधारित है. यदु विजयकृष्णन द्वारा साल 2021 में बनी ये फिल्म एक बौध साधु और उनके शिष्य शांडिल्य की कहानी है. IMDb पर 9.3 रेटिंग के साथ मौजूद इस फिल्म को बेस्ट संस्कृत फिल्म के लिए केरल फिल्म क्रिटिक्स अवार्ड मिला है.
इसके अलावा ये फिल्म इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया, बैंगलोर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, न्यू यॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल और त्रिस्सूर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए ऑफिशियली सेलेक्ट हुई है.
पंद्रहवी फिल्म: यानम
‘यानम’ संस्कृत भाषा में बनी पंद्रहवी फिल्म पहली संस्कृत साइंस डाक्यूमेंट्री है. ये डाक्यूमेंट्री विनोद मनकारा द्वारा भारत के सफल मिशन मंगल पर बनायी गयी है. इसरो के वैज्ञानिकों पर आधारित इस फिल्म का प्रीमियर 21 अगस्त, 2022 को किया गया था.
‘सीने में सिनेमा’ ये लाइन हर फिल्म और कला प्रेमी पर सटीक बैठती है. पड़ोस के घर में क्या चल रहा है इस बारे में भले एक बार चूक हो जाए पर कौन-सी फिल्म कब आ रही है, हीरो-हीरोइन भारत में हैं या विदेश में, उनके बच्चे क्या खाते हैं कब खाते हैं हमें सब पता होता है. इन सभी जरुरी जानकारियां जुटाने में हम ये भूल गए कि कला और क्रिएटिविटी के संसार में संस्कृत सिनेमा का भी कोई अस्तित्व है. लेकिन अब जब आपको सारी जानकारियां मिल गयी हैं तो बिना देर किए जाइये सभी फिल्मों का मज़ा लीजिए.
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