भारत का ऐसा चुनाव, जिसमें सिर्फ पढ़े-लिखे लोग ही डाल सकते हैं वोट
क्या आप भारत के ऐसे चुनाव के बारे में जानते हैं, जिसमें सिर्फ पढ़े-लिखे लोग ही वोट डाल सकते हैं। कौन-सा है यह चुनाव, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
भारत में सत्ता का संचालन दो सदनों पर चलता है। केंद्र में यह लोकसभा और राज्यसभा है, जबकि राज्य में यह विधानसभा और विधान परिषद् है। वर्तमान में भारत में कुल 6 राज्यों में विधान परिषद हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, बिहार और आंध्र प्रदेश शामिल है। इन सभी सदनों में चुनाव का आयोजन किया जाता है, जिनमें योग्यता के हिसाब से अलग-अलग लोग वोट डालते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में एक चुनाव ऐसा भी है, जिसमें सिर्फ पढ़े-लिखे लोग ही वोट डाल सकते हैं।
किस चुनाव में पढ़े-लिखे लोग ही वोट डालते हैं
भारत में होने वाले विधान परिषद चुनाव(MLC Election) को शिक्षक और स्नातक क्षेत्र का चुनाव कहा जाता है। शिक्षकों और स्नातकों के कोटे से चुने हुए MLC को भी विधायक जितनी ही शक्तियां प्राप्त होती हैं।
कैसे होता है MLC का चुनाव
विधान परिषद् के सदस्यों के चुनाव के लिए एक पैमाना निर्धारित है। विधान परिषद् में विधानसभा के एक-तिहाई से ज्यादा सदस्य नहीं हो सकते हैं। हालांकि, इनकी संख्या 40 से भी कम नहीं होना चाहिए। इनके एक-तिहाई सदस्यों को विधायकों द्वारा चुना जाता है, जबकि एक-तिहाई सदस्यों को नगर निगम, जल बोर्ड व अन्य बोर्ड के सदस्य चुनते हैं।
इनके अलावा, 1/12 सदस्यों को शिक्षक और 1/12 सदस्यों को पंजीकृत स्नातक चुनते हैं। बाकी सदस्यों को चुनने को मनोनित करने का विशेषाधिकार राज्यपाल के पास है। विधान परिषद् के जिन सदस्यों को शिक्षक और स्नातक चुनते हैं, उस प्रक्रिया को शिक्षक और स्नातक क्षेत्र का चुनाव कहा जाता है।
चुनाव में कौन हो सकता है दावेदार
विधान परिषद् के चुनाव में हाईस्कूल के शिक्षक, प्रिंसिपल, कॉलेज के प्रोफेसर दावेदार बन सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम उम्र सीमा 30 साल है। आपको बता दें कि विधान परिषद् सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है।
कौन दे सकता है वोट
इस चुनाव में हर कोई वोट नहीं डाल सकता है। इस चुनाव में हाईस्कूल और इससे ऊपर की कक्षा के पढ़ाने वाले शिक्षक ही वोट डाल सकते हैं। इनके अलावा, मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी मतदान करने का अधिकार होता है। ऐसे शिक्षक भी मतदान कर सकते हैं, जिन्हें पढ़ाने का कम से कम 3 साल का अनुभव होता है। मतदान करने के लिए शिक्षकों को एक फॉर्म भरना होता है, जिसमें शिक्षक होने का सुबूत देना होता है। इसके बाद आपका नाम मतदाता लिस्ट में आ जाता है।
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