Mahakumbh 2025: भारत में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को दुनिया का सबसे बड़े मेले का खिताब मिला हुआ है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं। इस समय उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, जो कि 144 साल में एक बार होता है।
यहां इस बार 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आपने महाकुंभ के बारे में पढ़ा ही होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि कुंभ के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
क्या होता है अर्द्धकुंभ, पूर्णकुभ और महाकुंभ
भारत में हर छह साल में अर्द्धकुंभ का आयोजन हरिद्वार और प्रयागराज में किया जाता है। वहीं, पूर्णकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। इस कुंभ का आयोजन हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और प्रयागराज में किया जाता है।
वहीं, जब 12 बार पूर्णकुंभ का आयोजन हो जाता है, तो एक बार महाकुंभ का आयोजन होता है, जो कि प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। ऐसे में इस तरह का संयोग पूरे 144 वर्ष में एक बार बनता है।
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेला
अब सवाल है कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेला कौन-सा है। आपको बता दें कि यह मेला ऑक्टोबरफेस्ट है। इस मेले में लाखों की संख्या में लोग जुटते हैं।
कहां आयोजित होता है मेला
ऑक्टोबरफेस्ट मेले का आयोजन जर्मनी के म्यूनिख शहर में किया जाता है।
क्यों लगता है मेला
इस मेले का पहली बार आयोजन 1801 में बवेरिया के राजकुमार लुडविग के विवाह के उपलक्ष्य में किया गया था। इसके बाद हर साल सितंबर के अंत या अक्टूबर के शुरुआत में इस मेले का आयोजन किया जाता है।
मेले में मिलती ही बीयर
ऑक्टोबरफेस्ट जर्मन संस्कृति के व्यंजनों के लिए जाना जाता है। इस मेले में बीयर, खाना और मनोरंजन की पूरी व्यवस्था रहती है। आपको बता दें कि मेले में बीयर व शराब बनाने वाली कई कंपनियां अपना टेंट लगाती हैं।
16 दिनों तक चलता है मेला
इस मेले का आयोजन पूरे 16 दिनों तक किया जाता है। साथ ही, यहां भाग लेने वाले लोग पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचते हैं और यहां आयोजित होने वाली राइफलमैन परेड में हिस्सा लेते हैं।
हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी तरह सामान्य अध्ययन से जुड़ा अन्य लेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation