छत्तीसगढ़ भारत का एक महत्त्वपूर्ण राज्य है, जिसे 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग कर बनाया गया था। इसकी राजधानी रायपुर है। यह राज्य खनिज संसाधनों से समृद्ध है और यहां प्रमुख रूप से कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट पाए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियां महानदी, इंद्रावती और शिवनाथ हैं। यह लोक संस्कृति, आदिवासी परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे "भारत का नियाग्रा" कहा जाता है, यहां का प्रमुख आकर्षण है। कृषि और वन संपदा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं, और इसे "धान का कटोरा" भी कहा जाता है।
आपने ऊपर छत्तीसगढ़ की अलग- अलग नदियों के बारे में पढ़ा, हालांकि क्या आप छत्तीसगढ़ की सबसे छोटी नदी के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
छत्तीसगढ़ को छत्तीसगढ़ क्यों कहा जाता है
छत्तीसगढ़ का नाम इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व से जुड़ा हुआ है। इसके नामकरण के पीछे कई मान्यताएं हैं:
ऐतिहासिक मान्यता
– कहा जाता है कि इस क्षेत्र में 36 गढ़ (किले) थे, जिन पर अलग-अलग शासकों का शासन था।
– इन्हीं "छत्तीस गढ़ों" के कारण इसे छत्तीसगढ़ नाम मिला।
प्राचीन नाम "दक्षिण कोसल"
– छत्तीसगढ़ को प्राचीन काल में "दक्षिण कोसल" कहा जाता था, जो भगवान राम की ननिहाल मानी जाती है।
– बाद में यह नाम बदलकर छत्तीसगढ़ हो गया।
मराठा शासन का प्रभाव
– 18वीं शताब्दी में जब मराठों ने इस क्षेत्र पर कब्जा किया, तब उन्होंने इसे "छत्तीसगढ़" नाम दिया।
छत्तीसगढ़ की सबसे छोटी नदी कौन-सी है
छत्तीसगढ़ की सबसे छोटी नदी "ओंकार" नदी मानी जाती है। यह नदी रायगढ़ जिले में बहती है, जो कि
मांड नदी की सहायक नदी है। इसकी कुल लंबाई की बात करें, तो यह करीब 15-20 किलोमीटर ही है। छ्त्तीसगढ़ में कई अन्य छोटी नदियां हैं, लेकिन ओंकार नदी सबसे छोटी नदी मानी जाती है।
छत्तीसगढ़ की अन्य छोटी नदियां
-सोंडूर नदी – महानदी की सहायक नदी है।
-खारून नदी – रायपुर में बहती है और शिवनाथ नदी में मिलती है।
-लात नदी – बस्तर क्षेत्र में बहती है।
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