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जानें पहली बार अंग्रेज कब और क्यों भारत आये थे

20 मई, 1498 को भारत के कालीकट बंदरगाह पर वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) के आगमन के साथ ही यूरोप और पूर्वी देशों के बीच समुद्री मार्ग खुल गया था। इसी के साथ भारत यूरोपीय देशों के लिए सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया और यूरोपीय देशों में यहां के मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप कई नौसैनिक युद्ध भी हुए थे। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि पहली बार अंग्रेज कब और क्यों, भारतीय सरजमीं पर उतरे थे।
Aug 14, 2019 18:01 IST
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When and Why British first landed on Indian Territory in Hindi
When and Why British first landed on Indian Territory in Hindi

वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) का 20 मई, 1498 में भारत आगमन ने यूरोप और पूर्वी देशों के बीच समुद्री मार्ग का रास्ता खोल दिया था। इसी के साथ भारत यूरोपीय देशों के लिए सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया और यूरोपीय देशों में यहां के मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप कई नौसैनिक युद्ध भी हुए थे। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि पहली बार अंग्रेज कब और क्यों, भारतीय सरजमीं पर उतरे थे।

ब्रिटिश ईस्ट कंपनी का गठन कैसे हुआ?

दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के साथ व्यापार करने के लिए 1600 ई. में जॉन वाट्स और जॉर्ज व्हाईट द्वारा ब्रिटिश जॉइंट स्टॉक कंपनी, जिसे ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से जाना जाता है, की स्थापना की गयी थी। प्रारंभ में इस जॉइंट स्टॉक कंपनी के शेयरधारक मुख्य रूप से ब्रिटिश व्यापारी और अभिजात वर्ग के लोग थे और ईस्ट इंडिया कंपनी का ब्रिटिश सरकार के साथ कोई सीधा संबंध नहीं था।

ब्रिटिश के दौरान शिक्षा का विकास

अंग्रेजो का भारतीय उपमहाद्वीप में आगमन

24 अगस्त, 1608 को व्यापार के उद्देश्य से भारत के सूरत बंदरगाह पर अंग्रेजो का आगमन हुआ था, लेकिन 7 वर्षों के बाद सर थॉमस रो (जेम्स प्रथम के राजदूत) की अगवाई में अंग्रेजों को सूरत में कारखाना स्थापित करने के लिए शाही फरमान प्राप्त हुआ। इसके बाद, ईस्ट इंडिया कंपनी को मद्रास में अपना दूसरा कारखाना स्थापित करने के लिए विजयनगर साम्राज्य से इसी प्रकार का शाही फरमान प्राप्त हुआ था।

Thomas Roe at Mughal Court

Source: www.tutorialspoint.com

धीरे-धीरे अंग्रेजों ने अपनी कूटनीति के माध्यम से अन्य यूरोपीय व्यापारिक कंपनी को भारत से बाहर खदेड़ दिया और अपने व्यापारिक संस्थाओं का विस्तार किया। अंग्रेजों द्वारा भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में कई व्यापारिक केंद्र स्थापित किए और कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास के आसपास ब्रिटिश संस्कृति को विकसित किया गया। अंग्रेज मुख्य रूप से रेशम, नील, कपास, चाय और अफीम का व्यापार करते थे।

क्यों मुगल,मौर्यों और मराठों ने कभी दक्षिणी भारत पर आक्रमण नहीं किया?

किस प्रकार और क्यों एक ब्रिटिश कंपनी का भारतीय सत्ता पर एकाधिकार हो गया?

British Imperialism

व्यापार के दौरान अंग्रेजो ने देखा कि भारत समाजिक, राजनीतिक और आर्थिक तौर पर बिलकुल ही अस्त-व्यस्त है तथा लोगो में आपसी मतभेद है और इसी मतभेद को देखकर अंग्रेजो ने भारत पर शासन करने की दिशा में सोचना प्रारंभ किया। 1750 के दशक तक ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय राजनीति में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया था। 1757 में प्लासी की लड़ाई में रॉबर्ट क्लाईव के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित कर दिया. इसके साथ ही भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन स्थापित हो गया।

अंततः 1857 के पहले स्वतंत्रता आंदोलन या 1857 के विद्रोह के बाद, 1858 में भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत हो गया। भारत से ईस्ट इंडिया कंपनी की विदाई के बाद ब्रिटिश क्राउन का भारत  पर सीधा नियंत्रण हो गया, जिसे ब्रिटिश राज के नाम से जाना जाता है।

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