दुनिया के किस देश में हैं सबसे अधिक पहाड़, यह जानें जवाब

Last Updated: Dec 9, 2025, 15:59 IST

नेपाल सबसे ज्यादा पहाड़ों वाला देश है। यहां दुनिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों में से 8 चोटियां हैं, जिनमें माउंट एवरेस्ट भी शामिल है। आइए जानते हैं कि नेपाल में इतने पहाड़ क्यों हैं, हिमालय कैसे बना, और ये चोटियां यहां की संस्कृति, पहचान, जीवन-शैली और भू-भाग को कैसे आकार देती हैं।

पहाड़ों का देश
पहाड़ों का देश

नेपाल को पहाड़ों का देश इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसका लगभग पूरा भू-भाग हिमालय क्षेत्र में आता है। यह देश ऊंची पहाड़ियों, गहरी घाटियों, बर्फीली चोटियों और आसमान को छूते पहाड़ों से भरा हुआ है। ये सब मिलकर दुनिया के सबसे शानदार भू-भागों में से एक बनाते हैं। दुनिया के 10 सबसे ऊंचे पहाड़ों में से 8 नेपाल में ही हैं, जिनमें माउंट एवरेस्ट भी शामिल है। इसी वजह से यह पहाड़ों पर जाने वालों के लिए सबसे पसंदीदा जगह है। यहां की ऊबड़-खाबड़ भौगोलिक बनावट यहां की जलवायु, संस्कृति, जीवन-शैली और वैश्विक पहचान को तय करती है।

नेपाल को दुनिया की पर्वतीय राजधानी क्यों कहा जाता है?

नेपाल को यह उपाधि इसलिए मिली है, क्योंकि विशाल हिमालय पर्वत श्रृंखला लगभग पूरे देश में फैली हुई है। इन विशाल पहाड़ों का निर्माण तब हुआ, जब भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकराई। इस टक्कर से जमीन ऊपर की ओर उठ गई और दुनिया की कुछ सबसे ऊंची चोटियों का निर्माण हुआ।

आज नेपाल का लगभग 75% हिस्सा पहाड़ी है। इसके कारण यह दुनिया के सबसे ऊंचे और सबसे खड़ी ढलान वाले देशों में से एक है। यहां मैदानी इलाकों से पहाड़ों की ऊंचाई बहुत तेजी से बढ़ती है। इससे ऐसे शानदार नजारे बनते हैं, जो कहीं और शायद ही देखने को मिलते हैं।

नेपाल के सबसे प्रसिद्ध और खास पहाड़

1. माउंट एवरेस्ट

माउंट एवरेस्ट 8,848.86 मीटर ऊंचा है और यह पृथ्वी का सबसे ऊंचा स्थान है। इसी वजह से नेपाल दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हर साल हजारों पर्वतारोही इसकी चोटी पर पहुंचने का सपना देखते हैं। इसकी बर्फीली ढलानें सबसे अनुभवी पर्वतारोहियों को भी चुनौती देती हैं। एवरेस्ट ने नेपाल के पर्यटन उद्योग को भी एक नई दिशा दी है। इससे रोजगार, गाइड के अवसर और वैश्विक पहचान मिली है।

2. कंचनजंगा

कंचनजंगा 8,586 मीटर ऊंचा है। यह अपनी दूरस्थ सुंदरता और भव्यता के लिए जाना जाता है। यह नेपाल-भारत सीमा पर स्थित है। यह घने जंगलों, ग्लेशियरों और घाटियों से घिरा हुआ है, जहां ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं होती। पर्वतारोही इसकी चढ़ाई की कठिनाई की प्रशंसा करते हैं। वहीं, स्थानीय लोग मानते हैं कि इस पहाड़ पर देवी-देवताओं का वास है।

3. ल्होत्से

ल्होत्से 8,516 मीटर ऊंचा है। यह एवरेस्ट के बगल में बर्फ और चट्टान की एक विशाल दीवार जैसा दिखता है। यह अपनी सीधी चढ़ाई और मुश्किल रास्तों के लिए मशहूर है। एवरेस्ट और नुप्त्से के साथ मिलकर ल्होत्से हिमालय की सबसे आकर्षक पर्वत श्रृंखलाओं में से एक बनाता है। यह हर साल पर्वतारोहियों और फोटोग्राफरों को अपनी ओर खींचता है।

4. मकालू

मकालू की ऊंचाई 8,485 मीटर है। इसे इसके पिरामिड जैसे सटीक आकार के कारण आसानी से पहचाना जा सकता है। इसकी खड़ी ढलानों और अप्रत्याशित मौसम के कारण इस पर चढ़ना बहुत मुश्किल है। यह पहाड़ आसपास की घाटियों से अचानक ऊपर उठता है, जिससे शानदार नजारे दिखाई देते हैं। यह एक अनछुए जंगल का एहसास कराता है।

5. चो ओयू

चो ओयू 8,188 मीटर ऊंचा है। इसे ऊंची चोटियों में से सबसे आसान माना जाता है। इसलिए, यह एवरेस्ट की तैयारी कर रहे अनुभवी पर्वतारोहियों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसकी चौड़ी ढलानों से हिमालय के बेहतरीन नजारे दिखते हैं। यह पहाड़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास है। यह दूसरी विशाल चोटियों की तुलना में अपने आसान रास्तों के लिए जाना जाता है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Dec 9, 2025, 15:59 IST

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