Shaheed Diwas 2026: साल में तीन बार क्यों होता है शहीद दिवस, यहां जानें तारीख और वजह
भारत में हर साल तीन दिन शहीद दिवस मनाया जाता है। इनमें से एक 30 जनवरी भी है। यह दिन भारत के स्वतंत्रता सेनानियों और उनके बलिदान को समर्पित होता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आखिर क्या वजह है, जो कि साल में तीन बार शहीद दिवस मनाया जाता है। जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
हर साल 30 जनवरी को शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को समर्पित है। इस दिन 1948 में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी भारत में अन्य दो दिनों को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस प्रकार भारत में तीन शहीद दिवस होते हैं। क्या आप तीनों दिवस की तारीख और कारण के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
30 जनवरी को क्या हुआ था
30 जनवरी, 1948 की शाम महात्मा गांधी नई दिल्ली स्थित बिरला हाउस में प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे। इस बीच नाथूराम गोडसे भीड़ से निकलकर आगे आया और उन्हें प्रणाम करने के लिए झुका। इस बीच गोडसे ने अपनी पिस्तौल से गांधी को तीन गोलियां मार दी थीं। गांधी जी के मुख से निकले अंतिम शब्द ‘हे राम’ थे।
इसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। उस दिन से इस दिन को गांधी की पुण्यतिथि के रूप में याद किया जाता है। साल 2026 में देश महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि को याद कर रहा है।
21 अक्टूबर को भी होता है शहीद दिवस
यह घटना 21 अक्टूबर, 1959 की है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(CRPF) के जवाव लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों में शामिल हॉट स्प्रिंग्स में तैनात थे। इस बीच घात लगाए बैठे चीनी सैनिकों की ओर से भारतीय पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया गया। इस घटना में पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। तब से इस दिन को पुलिस स्मृति दिवस या शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन दिल्ली के चाणक्यापुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह दिवस दिखाता है कि हमारी पुलिस सिर्फ आंतरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के बॉर्डर पर भी अपनी प्राणों को न्यौछावर करने से पीछे नहीं हटती है।
23 मार्च को क्यों होता है शहीद दिवस
23 मार्च के दिन का भी भारतीय इतिहास में विशेष महत्त्व है। यह वह दिन है, जब 1931 में भारतीय क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को लाहौर षडयंत्र मामले में ब्रिटिश सरकार द्वारा फांसी दी गई थी। इस घटना से पूरे देश में प्रभाव पड़ा था।
वहीं, युवाओं में देश की आजादी को लेकर नई भावना का प्रचार हुआ था। तब से अब तक 23 मार्च का दिन भारत में शहीद दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन भारत के तीन क्रांतिकारियों-भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
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