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IAS Success Story: Essay और Ethics पर बनाई पकड़, दूसरे प्रयास में 15वीं रैंक के साथ IAS बनीं शिवानी गोयल

IAS Success Story: यदि मन में कुछ करने की चाह हो, तो सब कुछ पाया जा सकता है। आज हम आपको शिवानी गोयल की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत कर दूसरे प्रयास में ही सिविल सेवा में 15वीं रैंक पाकर आईएएस बन सफलता हासिल की। तो, आइये जानते हैं शिवानी गोयल की कहानी।

IAS Success Story: Essay और Ethics पर बनाई पकड़, दूसरे प्रयास में 15वीं रैंक के साथ IAS बनीं शिवानी गोयल
IAS Success Story: Essay और Ethics पर बनाई पकड़, दूसरे प्रयास में 15वीं रैंक के साथ IAS बनीं शिवानी गोयल

IAS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करना बहुत मुश्किल है। वहीं, इसमें भी आईएएस की रैंक पाने के लिए टॉप रैंक लाना होता है, जिससे आईएएस पद तक पहुंचने की संभावना बढ़ती है। हालांकि, यह बहुत कम ही छात्र कर पाते हैं। यही वजह है कि जो छात्र सिविल सेवा परीक्षा को पास कर लेते हैं, लेकिन आईएएस पद न मिलने कारण वे बार-बार आईएएस पद पाने के लिए परक्षा देते रहते हैं। आज हम आपको शिवानी गोयल की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने सही रणनीति के माध्यम से अपने विषयों पर पकड़ बनाकर आईएएस बनकर सफलता को हासिल किया। वह अपने पहले प्रयास में फेल हो गई थीं, लेकिन उन्होंने दूसरे प्रयास में ही 15वीं रैंक हासिल कर ली।   

 

शिवानी का परिचयः

शिवानी गोयल दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद दिल्ली के ही श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनकी पढ़ाई को लेकर रूचि रही। वहीं, उन्होंने पढ़ाई के बाद तय कर लिया था कि उन्हें आईएएस परीक्षा पास करनी है। इसके लिए उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी होने के बाद तैयारी शुरू दी थी। 

 

 

 

निबंध और एथिक्स के पेपर में अच्छा करने का सुझाव

शिवानी के मुताबिक, सिविल सेवा में निबंध और एथिक्स के पेपर में यदि ठीक से ध्यान दिया जाए, तो अच्छे अंक प्राप्त किये जा सकते हैं। इसके लिए मेहनत भी अधिक करने की जरूरत नहीं है, बल्कि थोड़ी मेहनत में ही अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। शिवानी के मुताबिक, यदि निबंध को कोई छात्र शुरुआत में प्रभावशाली  तरीके से लिखता है और निबंध के अंत में भी उत्तर को प्रभावशाली रखता है, तो इसका प्रभाव अंकों में देखने को मिलता है। छात्र कुछ वाक्य और कहानियों को तैयार कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल उत्तर को सहयोग करने में किया जा सकता है। कुछ सामाग्री को विषय के अनुसार बदला जा सकता है। इसके लिए पुराने पेपर की मदद ली जा सकती है।   



हर कोण से लिखा जाए निबंध का उत्तर

शिवानी कहती हैं कि निबंध का उत्तर हर कोण से दिया जाना चाहिए, जिससे उत्तर जांचने वाल को पता चले कि आपके पास पूछे गए प्रश्न को लेकर विभिन्न आयाम हैं। ऐसे में एक ही उत्तर को कई सारे बिंदुओं से स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि, लिखते वक्त यह ध्यान रखें कि जो प्रश्न पूछा गया है, आप उसी बारे में लिख रहे हैं। आपके उत्तर बहुत स्पष्ट होने चाहिए, न कि प्रश्न से अलग और घुमाने वाले हो। आप किस तरह से लिख रहे हैं, इसके लिए आप बाकी अच्छी कॉपियों से भी तुलना कर सकते हैं। 

 

सिलेबस का रखें ध्यान

शिवानी के मुताबिक, एथिक्स का पेपर हल करने के लिए आपको सिलेबस की पूरी तरह से समझ होना चाहिए। इसके लिए एक बार अच्छी तरह से सिलेबस देख लें और उसके हिसाब से तैयारी करें। प्रश्नों का उत्तर उतना ही दें, जितना पूछा गया है और पूरी तरह से स्पष्ट उत्तर दें। इस बात का भी ध्यान रखें कि उत्तर देते समय एक विषय से दूसरे विषय पर न पहुंचें। इससे अच्छे अंक मिलने की संभावना बढ़ती है।



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