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Do your UP Board 10th Results actually matter ?

‘Turning Point’ in one’s academic career, the most important ‘exam of your life’; these are just a couple of the catch phrases that UP Board Class 10th students are bombarded every day.

Jul 6, 2016 17:52 IST
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यूपी बोर्ड 10वीं कक्षा की परीक्षा एक छात्र के शैक्षणिक जीवन में 'टर्निंग प्वाइंट' की तरह देखी जाती है । कुछ विद्वानों की सामान्य धारणा है कि यूपी बोर्ड 10वीं कक्षा में प्राप्त अंक और परीक्षा परिणाम किसी के जीवन की सफलता को पूर्ण रूप से परिभाषित नहीं करता है, अपितु ये कक्षा 11वीं और 12वीं कक्षा की शिक्षा के लिए सही शैक्षिक स्ट्रीम अर्थात कला, वाणिज्य और विज्ञान का चयन करने में सहायक होता है ।

आजकल कुछ लोग का यह भी मानना है कि यूपी बोर्ड 10वीं कक्षा का परिणाम उनके शैक्षिक और पेशेवर कैरियर के बाद सिर्फ एक जन्म प्रमाण पत्र से ज्यादा कुछ नहीं हैं। लेकिन हम उनको यह भी बताना चाहते है कि आजकल शीर्ष कंपनियों में प्लेसमेंट के लिए उम्मीदवारों की 10वीं कक्षा के रिजल्ट के प्रतिशत को न्यूनतम पात्रता मापदंड रूप में रखा है और न्यूनतम प्रतिशत से कम अंक वाले उम्मीदवार को क्वालीफाई नहीं किया जाता ।

जहां तक ​​यूपी बोर्ड 10वीं के परिणाम का सवाल है, वे आम तौर पर तीन दृष्टिकोण से देखे जाते है, आगामी शैक्षिक स्ट्रीम का चयन, भविष्य में नौकरी की संभावनाओं पर इसका प्रभाव और अंत में सामाजिक और मानसिक स्थिति।

हमने नीचे इन सभी तीन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की है:

आगामी शैक्षिक स्ट्रीम का चयन :

यूपी बोर्ड 10वीं कक्षा का परिणाम निश्चित रूप से आपके शैक्षिक भविष्य को तय करने में मदद करता है। यूपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट के आधार पर ही आप अपने पसंदीदा उच्च माध्यमिक विद्यालय/इंटरमीडिएट कॉलेज में अपनी पसंद की स्ट्रीम ले सकते है। उदाहरण के लिए, आम तौर पर 85% से ज्यादा अंक एक प्रतिष्ठित स्कूल/कॉलेज में साइंस स्ट्रीम चुनने के लिए अनिवार्य माने जाते है। इसलिए, यूपी बोर्ड 10वीं के परिणाम के लिए कड़ी मेहनत कर आप इस ओर अग्रसर हो सकते है । यह इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है, क्योकि आपका  शैक्षणिक भविष्य और यहां तक ​​की पेशेवर कैरियर कक्षा 10 के परिणाम पर निर्भर करता है |

हालांकि, यह हमेशा आवश्यक है कि माता-पिता और टीचर छात्र का इंटरेस्ट और जो स्ट्रीम उसके हित में हो, चुनने में मदद करे | हमको पता होना चाहये कि यूपी बोर्ड कक्षा 10 पाठ्यक्रम गुणवत्ता के मामले में सर्वश्रेष्ठ है; लेकिन अभी भी अच्छी प्रतिभा को खोजने, अच्छे भविष्य के टारगेट और छात्र के हित को निर्धारित करने के लिए बहुत कुछ सुधार किये जा रहे है । कुछ छात्र अच्छे परिणाम के लिए सरल स्ट्रीम का चयन कर लेते हैं, भले ही यह लंबे समय के लिए उनकी सफलता की गारंटी न देता हो । इसलिए, यूपी बोर्ड 10वीं में अच्छा परिणाम निश्चित रूप से सफलता की कुंजी हैं और एक उचित शैक्षिक स्ट्रीम चुनने महत्वपूर्ण हो जाता है |

कैरियर और रोजगार पर असर :

एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्र 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम के महत्व पर चर्चा और विचार विमर्श करे जिससे उनको पता चेले कि इसका उनके कैरियर और रोजगार पर क्या क्या प्रभाव पड़ सकते है । आम तौर पर यूपी बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा या स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद यूपी बोर्ड 10वीं के प्रमाणपत्र महज एक जन्म प्रमाण पत्र की तरह रह जाते है । महत्वपूर्ण शैक्षिक प्रवेश और यहां तक ​​प्रत्येक प्रवेश परीक्षाओं में 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम ज्यादा उपयोगी नही होते। अत: 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम आपके कैरियर पर प्रत्यश रूप से प्रभावी नही होते है |

लेकिन हाल के दिनों में यूपी बोर्ड 10वीं का परिणाम भी अधिकांश प्रवेश परीक्षा और फाइनल प्लेसमेंट के लिए सहभागीदारी निभाता है । हालांकि यह आवश्यक नही, लेकिन 10वीं की परीक्षा में कम से कम 60% अंक होने पर ही आपको गंभीर और अनुशासित छात्र की केटेगरी में खड़ा किया जाता है । इसलिए, कई कंपनियों के प्लेसमेंट के लिए पात्रता मानदंड के रूप में 10वीं की परीक्षा में कम से कम 60% अंक होना जरूरी कर दिया है ।

सामाजिक और मानसिक स्थिति :

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अधिकांश छात्र यूपी बोर्ड 10वीं का परिणाम अपने सामाजिक सम्मान के रूप में लेते है । छात्र जैसे ही यूपी बोर्ड 10वीं की कक्षा में प्रवेश लेते है वैसे ही एक अच्छे बोर्ड परिणाम और उचित सफलता पाने का सामाजिक दबाब शुरू हो जाता है | छात्र, जो 85% से 90% अंक स्कोर तक परिणाम लेते है उनको बुद्धिमान के रूप में देखा जाता है और बाकी औसत या औसत से नीचे माने जाते है। अत: इस तरह का सामाजिक उम्मीद छात्र पर यूपी बोर्ड 10वीं कक्षा की परीक्षा में अच्छा करने का दबाब बढ़ा देती है ।

हालांकि, छात्रों को ध्यान में रखना चाहिए कि उनकी सफलता कड़ी मेहनत और उनकी प्रतिभा पर विशुद्ध रूप से निहित है। यह कोई अनिवार्य शर्त नहीं है कि यूपी बोर्ड 10वीं के अच्छा परिणाम ही एक अच्छे भविष्य का जनक है अपितु यह तो एक सकारात्मक सोच के रूप की पेशकश करता है । अगर आप अनुशासित और मेहनती हैं, तो आपको यूपी बोर्ड 10वीं के परिणाम से जुड़े सामाजिक और मानसिक कारणों की चिंता करने की कोई जरूरत नही।

निष्कर्ष :

यह ठीक है कि इस सवाल का कोई आसान या सरल जवाब नही है, परन्तु ऐसे अनेकों उदाहरण है जो यूपी 10वीं बोर्ड की परीक्षा में बुरे परिणाम के बावजूद परिश्रम करके एक अच्छा करियर बनाने में सफल हुए । अत: हमको हमेशा परिश्रम करके ही अपने लौकिक भविष्य की तरफ अग्रसर होना चाहिए |

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