रेलवे, SSC, बैंक व अन्य सभी केंद्रीय सरकारी नौकरियों के लिए एक ही सामान्य पात्रता परीक्षा (CET)

प्रतियोगी परीक्षाओं को अत्यधिक पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) 2019 के आयोजन पर विचार कर रही है. सरकार का मानना है कि विभिन्न सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के उद्देश्य से सभी सरकारी नौकरी की परीक्षाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म 'सामान्य चयन परीक्षा' (CET) हो.

Updated: Mar 21, 2018 19:18 IST
Common Eligibility Test CET
Common Eligibility Test CET

प्रतियोगी परीक्षाओं को अत्यधिक पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) 2019 के आयोजन पर विचार कर रही है. सरकार का मानना है कि विभिन्न सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के उद्देश्य से सभी सरकारी नौकरी की परीक्षाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म 'सामान्य पात्रता परीक्षा' (CET) हो. जिससे भर्ती परीक्षाओं का समुचित और उचित रीति से संचालन किया जा सके और उम्मीदवार परीक्षा के पश्चात जिन परेशानियों का सामना करते हैं उनसे बच सकें.

इस मामले में भारत सरकार ने सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाने के उद्देश्य से 14 मार्च, 2018 को राज्य सभा में एक बिल तैयार हुआ जिसे प्रस्तुत भी किया गया. बिल के अनुसार भारत सरकार की ग्रुप ‘बी’ (गैर-राजपत्रित) और नीचे के स्तर के पदों की रिक्तियों हेतु उम्मीदवारों के चयन के लिए सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को अब एक सामान्य चयन परीक्षा  अर्थात सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) के माध्यम से आयोजित कराए जाने का उद्देश्य है. सीईटी के सभी तीन स्तरों के लिए लगभग 5 करोड़ उम्मीदवारों का पंजीकरण होने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बन सकती है.

सरकार ने सदन में सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) के माध्यम से विभिन्न सरकारी परीक्षाओं जैसे एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के लिए आगामी वर्ष 2019 से सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) आयोजित कराने का विचार रखा. सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) सम्बन्धी मामले में सरकार की और से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. सरकार ने परीक्षा के समुचित संचालन में विफलता और भविष्य में परीक्षाओं हेतु बढ़ते उम्मीदवारों की संख्या के दवाब के दृष्टिगत उम्मीदवारों को परीक्षा संचालन में होने वाली अनियमितताओं और अव्यवस्था से निजात दिलाने के लिए 14 मार्च 2018 को राज्य सभा में सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) का विचार दिया.

सरकार द्वारा प्रस्तावित किए गए सीईटी (CET) परीक्षा का उद्देश्य-

विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और व्यवस्थित तरीके से परीक्षाओं का आयोजन करना.

परीक्षाओं के समुचित संचालन में बार- बार विफलता और भविष्य में परीक्षा के लिए बढ़ते उम्मीदवारों की संख्या को निर्दिष्ट करते हुए उम्मीदवारों को परीक्षा संचालन में होने वाली अनियमितताओं और अव्यवस्था से मुक्ति दिलाना.

संचालन कार्यभार और कम जनशक्ति के साथ चुनौतियों से निपटना.

सीईटी (CET) के लिए पंजीकरण अनिवार्य-

संशोधित व्यवस्था के तहत प्रक्रिया शुरू करने के लिए, श्रम और रोजगार मंत्रालय के नेशनल कैरियर सर्विसेज (NCS) द्वारा विकसित एक समर्पित पोर्टल पर उम्मीदवारों को अनिवार्य रूप से खुद को पंजीकृत करना होगा, जो प्रत्येक उम्मीदवार के लिए एक यूनिक आईडी प्रदान करेगा.

सरकार द्वारा सीईटी (CET) आयोजित करने का कारण-

विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों/ अधिकारियों की नियुक्ति हेतु सम्बंधित संस्थानों द्वारा निकट भविष्य में आयोजित कराई गई परीक्षाएं किसी न किसी कारण असफल रहीं. सरकार द्वारा इसको गंभीरता से लिया गया इसी कारण सीईटी (CET) के गठन पर विचार किया गया. कर्मचारी चयन आयोग के अनुसार आयोग को पिछले पांच वर्षों में 9 परीक्षाएं आंशिक या पूर्णरूप से रद्द करनी पड़ी.

इनमे अनियमिताओं और अव्यवस्थाओं के कारण संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGLE) 2013, संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर परीक्षा (CHSLE), 2013 इस परीक्षामे 432 उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र ही निर्गत नही किया गया. संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGLE) 2014, संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर परीक्षा (CHSLE) 2014 इस परीक्षा के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर अव्यवस्था और नक़ल के मामले बताए गए. इसमे दिल्ली परीक्षा केन्द्र भी सम्मिलित है. कॉन्स्टेबल(GD) परीक्षा, 2015. मल्टी टास्किंग स्टाफ परीक्षा (गैर तकनीकी) [MTSE (NT)] 2016, संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2016 (CBE – टियर I) और SI /CAPF परीक्षा, 2016 के प्रश्न पत्र (OMR मोड) ही लीक हो गए. संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2016 (CBE – टियर II) तकनीकी (सर्वर) त्रुटि के कारण 9571 उम्मीदवार प्रभावित हुए.

ऐसे मामलों के दृष्टिगत सरकार का मानना है की इससे एक तरफ जहां आयोग की खराब छवि खराब और धन की बर्बादी होती है वहीं, उम्मीदवारों के साथ आयोग का  समय भी बर्बाद होता है. इन्ही कारणों से संसदीय समिति ने यह अनुशंसा की. समिति ने यह भी अनुशंसा की कि परीक्षाओं को आसान बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की नियमित लेखा परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए.

 

सीईटी (CET) के तहत चयन प्रक्रिया-

इसके माध्यम से पूरे भर्ती प्रणाली हेतु दो अलग-अलग चरणों में परीक्षा आयोजित की जाएंगी और युक्तिसंगत बनाया जाएगा.

सीईटी (CET) के तहत परीक्षा की चयन प्रक्रिया प्रमुख रूप से दो चरणों में विभाजित की गई है.

(i) टीयर -1 : भारत सरकार की सभी भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित प्रारंभिक टीयर -1 परीक्षाओं में शामिल एक आम स्क्रीनिंग टेस्ट, अर्थात एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, आदि.

(ii) टियर -2 : मुख्य भर्ती संबंधित भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षाएं.

सीईटी (CET) के तहत परीक्षा स्तर और प्रणाली-

सीईटी (CET) के तहत परीक्षाएं निम्न तीन स्तरों पर आयोजित किए जाने का सुझाव दिया गया है-

(i) मैट्रिक्यूलेशन स्तर

(ii) उच्च माध्यमिक (10 + 2) स्तर

(iii) स्नातक स्तर

इस नौकरी को पाने के लिए पढ़ें करेंट अफेयर्स

यह भी प्रस्तावित किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में, केवल सीईटी का एक स्तर, अर्थात स्नातक स्तर पर, फरवरी 2019 में आयोजित किया जाएगा. लगातार वर्ष में, परीक्षा के सभी तीन स्तरों के आयोजन का प्रस्ताव है.

सीईटी (CET) परीक्षा की वैधता-

सरकार का इरादा सीईटी स्कोर दो साल की अवधि के लिए वैध बनाने का प्रस्ताव है. उम्मीदवार टीयर -2 परीक्षाओं में भाग लेने के लिए अपने स्कोर का उपयोग करेंगे, जो संबंधित भर्ती एजेंसियों द्वारा स्वतंत्र रूप से आयोजित किया जाएगा. राज्य सरकारों / सार्वजनिक क्षेत्र अंडरटेकिंग / निजी क्षेत्र द्वारा कर्मचारियों की भर्ती के लिए सीईटी (CET) स्कोर का उपयोग करने के लिए अवसर भी उपलब्ध है.

सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के लाभ-

यदि सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) बिल आम्ल में आया तो वर्ष 2019 से आयोजित होने वाले सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के तहत सरकार और नौकरी उम्मीदवार दोनों को लाभ होगा. जिनका उल्लेख नीचे दिया गया है-

सीईटी सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की संख्या को कम कर देगा और विभिन्न भर्ती एजेंसियों द्वारा इन परीक्षाओं को आयोजित करने में खर्च किए जाने वाले महत्वपूर्ण धन की बचत होगी.

सीईटी स्कोर का इस्तेमाल राज्य सरकारों द्वारा किया जा सकता है, यदि वे इतनी इच्छा रखते हैं और यहां तक ​​कि निजी कंपनियां भी उनको रोजगार के लिए शॉर्ट-लिस्टेड उम्मीदवारों के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें : सामान्य ज्ञान तथ्य

सीईटी स्कोर 2 साल के लिए वैध होगा.

यह सीईटी स्कोर उम्मीदवारों को टीयर द्वितीय परीक्षाओं के लिए प्रवेश करने में मदद करेगा, जो एसएससी, बैंक, रेलवे और अन्य परीक्षाओं जैसे स्वतंत्र भर्ती एजेंसियों द्वारा स्वतंत्र रूप से आयोजित किया जाएगा.

एक संभावना यह भी हो सकती है कि राज्य सरकार / पीएसयू / निजी क्षेत्र द्वारा सीईटी स्कोर पर भी विचार कर कर्मचारियों की भर्ती हेतु प्रयोग किया जाए.

सीईटी (CET) परीक्षा का नुकसान-

समिति द्वारा प्रस्तुत सुझाव के अनुसार शुरू में सरकार सीईटी केवल अंग्रेजी और हिंदी माध्यम में आयोजित करेगी. सीईटी परीक्षा क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित नहीं की जाएगी. यह क्षेत्रीय भाषाओं में लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती है.

इसके लागू होने के बाद सीईटी के प्रथम स्तर, अर्थात स्नातक स्तर पर फरवरी 2019 में परीक्षा आयोजित की जाएगी. अन्य सीईटी स्तर की परीक्षा आयोजित तब की जाएगी, जब आयोग 8 वीं अनुसूची भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने के लिए अधिकृत हो जाएगा. वर्ष में, परीक्षा के सभी तीन स्तर आयोजित किए जाएंगे.

कर्मचारी चयन आयोग-

भारत सरकार ने 4 नवंबर 1975 को अधीनस्थ सेवा आयोग का गठन किया,बाद में इसको कर्मचारी चयन आयोग के रूप में नामित किया गया. कर्मचारी चयन आयोग भारत में विभिन्न पदों के लिए देश में सबसे बड़ी भर्ती एजेंसियों में से एक है. कर्मचारी चयन आयोग ने समिति को सूचित किया  है कि 31.12.2017 के अनुसार, विभिन्न न्यायालयों में 2220 कोर्ट के मामले लंबित हैं जिसमें SSC भी एक पार्टी है.

सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) आधिकारिक अधिसूचना : यहाँ क्लिक करें !

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