पहली एवं दूसरी कंबाईंड परीक्षा में पाई गयी अनियमितताओं की चल रही सीबीआई जांच को ध्यान में रखते हुए झारखण्ड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने राज्य सरकार को सुझाव दिया है कि जेपीएससी कंबाईंड की पहली और दूसरी परीक्षा में सम्मिलित उम्मीद्वारों के इन दोनो प्रयासों को झारखण्ड पीसीएस में निर्धारित चार अवसरों में न गिना जाए.
जेपीएससी ने राज्य सरकार से सिफारिश की है कि तीसरी और चौथी परीक्षा में बैठे उम्मीदवारों को पांचवीं एवं छठीं परीक्षा में भी बैठने की अनुमति मिले ताकि इन प्रतिभावान छात्रों के साथ न्याय हो सके.
यदि राज्य सरकार जेपीएससी के सुझाव को मान लेती है तो इन दोनो परीक्षाओं में सम्मिलित हुए उम्मीदवारों को मिलने वाले कुल अवसरों की संख्या छः होगी.
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