Israel Elections 2022: बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) एक बार फिर से इजरायल के प्रधानमंत्री बनेंगे. उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए इलेक्शन में जीत दर्ज की है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बात की घोषणा की साथ ही प्रधानमंत्री यायर लैपिड (Yair Lapid) ने नेतन्याहू को जीत पर बधाई दी है.
वह वर्तमान में विपक्ष के नेता और नेशनल लिबरल मूवमेंट (Likud) के प्रेसिडेंट है. नेतन्याहू स्वतंत्रता की घोषणा के बाद इज़राइल में पैदा होने वाले पहले प्रधानमंत्री भी है. नेतन्याहू देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य किया हैं अब उन्हें एक बार फिर मौका मिला है.
Israel's Benjamin Netanyahu makes comeback as PM Yair Lapid concedes defeat, reports NBC News.
— ANI (@ANI) November 3, 2022
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पीएम मोदी ने दी बधाई:
पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू को इस जीत पर बधाई दी है. उन्होंने इजरायल की हिब्रू भाषा में ट्वीट करके नेतन्याहू को बधाई दी है. बेंजामिन नेतन्याहू के पूर्व के कार्यकाल में भारत-इजरायल रिलेशन ने काफी प्रगति की है. अमेरिकी प्रेसिडेंट बाइडन सहित ग्लोब के अन्य नेताओं ने नेतन्याहू की ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है.
इजरायल इलेक्शन 2022:
इजरायल इलेक्शन 1 नवंबर 2022 को आयोजित किया गया था जिसमे नेसेट (इजरायल की संसद) के सदस्यों का चुनाव किया गया है. पूर्व प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गुट ने इस इलेक्शन में संसदीय बहुमत हासिल किया. सेंट्रल इलेक्शन कमेटी ने नेतन्याहू की जीत की घोषणा की.
25 वें नेसेट के लिए हुए इलेक्शन में नेतन्याहू और उनके संभावित राजनीतिक सहयोगियों को 64 सीटें मिली है. नई सरकार का गठन राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की 9 नवंबर को आधिकारिक घोषणा के बाद की जाएगी. नेसेट के 120 सीटों पर इलेक्शन कराया जाता है जिसमें बहुमत के लिए 61 सीटों की आवश्यकता होती है.
कौन है बेंजामिन नेतन्याहू?
बेंजामिन नेतन्याहू का जन्म 1949 में तेल अवीव में हुआ था. वर्ष 1963 में उनका परिवार यूएस शिफ्ट हो गया था. वह 18 वर्ष की आयु में इजरायल लौट आये थे. उनके पिता बेंजियन, एक प्रमुख इतिहासकार थे. उन्होंने पांच वर्ष सेना में अपनी सेवाएं दी.
नाम | बेंजामिन नेतन्याहू |
जन्म | 21 अक्टूबर 1949, (तेल अवीव, इस्राइल) |
पिता का नाम | बेंज़ियन नेतन्याहू |
माता का नाम | तज़िला सेगल |
शिक्षा | मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीएस, एमएस) |
उपनाम | बीबी (Bibi) |
पॉलिटिकल पार्टी | लिकुड (Likud) |
पॉलिटिकल करियर:
- नेतन्याहू ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत 1988 में की थी. वह लिकुड पार्टी की तरफ से जीत कर नेसेट (संसद) पहुंचे और देश के उप विदेश मंत्री बने.
वह पहली बार 1993 से 1999 तक लिकुड पार्टी के प्रेसिडेंट रहे थे. वह 1996 में हुए प्रारंभिक चुनाव में जीत के बाद देश के प्रधानमंत्री बने. - उन्होंने इज़राइल और फिलिस्तीनियों के बीच 1993 के ओस्लो शांति समझौते की तीखी आलोचना करने के बावजूद, हेब्रोन के 80% को फिलिस्तीनी प्राधिकरण के नियंत्रण में सौंपने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.
- नेतन्याहू पर नवंबर 2019 में तीन अलग-अलग मामलों के संबंध में रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वास भंग करने का भी आरोप लगाया गया था.
बेंजामिन नेतन्याहू की जीत महत्व:
बेंजामिन नेतन्याहू की वापसी को इजरायल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव कके रूप में देखा जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में इजरायल में कोई मजबूत सरकार नहीं बन पाई थी अतः नेतन्याहू की वापसी इजरायली समाज में मूलभूत बदलाव ला सकती है. जीत के बाद उन्होंने कहा की नई सरकार गठबंधन के साथियों को लेकर आगे बढ़ेगी.
नेतन्याहू के सहयोगियों ने न्यायिक व्यवस्था में बदलाव करने की बात कही है. साथ ही देशहित के प्रमुख मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने की बात कही है. पिछले चार चुनावों में इजरायल में एक स्थिर सरकार नहीं बन पाई थी. इस बार के इलेक्शन में अधिक संख्या में वोटिंग हुई थी जो बदलाव का संकेत दे रही थी.
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