Ballistic Missile Defence Interceptor: भारत ने बुधवार को ओडिशा तट से बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) इंटरसेप्टर मिसाइल का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया है. यह टेस्ट एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया. यह इंटरसेप्टर मिसाइल, दुश्मन मिसाइलों और विमानों को मार गिराने में सक्षम है. इससे भारत का रक्षा तंत्र और मजबूत होगा.
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने यह टेस्ट अलग-अलग स्थानों पर स्थित बीएमडी हथियार प्रणाली के सभी पार्ट की भागीदारी के साथ किया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टीम को इस सफलता पर बधाई दी है. उन्होंने इसे दुनिया के बहुत कम देशों के पास उपलब्ध उन्नत तकनीकों के साथ एक अनूठी तरह का इंटरसेप्टर करार दिया है.
#DRDOUpdates | DRDO conducts successful maiden flight-test of Phase-II Ballistic Missile Defence interceptor off Odisha coast@PMOIndia @DefenceMinIndia @SpokespersonMoD https://t.co/R8ZYoCyMZ8 pic.twitter.com/hHYOvYNinz
— DRDO (@DRDO_India) November 2, 2022
बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर के बारें में:
- AD-1 लॉन्ग रेंज की इंटरसेप्टर मिसाइल है, जिसे लो एक्सो-एटमॉस्फेरिक और एंडो-एटमॉस्फेरिक इंटरसेप्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है.
यह दो फेज सॉलिड मोटर द्वारा संचालित मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. - यह मिसाइल का लक्ष्य तक सटीक रूप से मार्गदर्शन करने में सक्षम है. यह स्वदेशी रूप से विकसित कंट्रोल सिस्टम, नेविगेशन और गाइडेंस एल्गोरिदम से लैस है.
कैसे किया गया टेस्ट?
यह उड़ान परीक्षण तकनीकी और टारगेट अटैक सब में काफी सटीकता के साथ संपन्न हुआ. जिसमे सभी उप-प्रणालियों के सत्यापन फ्लाइट डेटा के आधार पर इसे सफल माना गया. इसमें डेटा कैप्चर करने के लिए टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग स्टेशनों सहित अनेक रेंज सेंसर लगाया गया था.
बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर का महत्व:
इस तरह के टेस्ट से भारत ने अपना डिफेन्स सिस्टम और मजबूत किया है. इस तरह का डिफेन्स सिस्टम विश्व के कम देशों के पास ही है. यह सिस्टम मिसाइलों और विमानों को मार गिराने में सक्षम है इस प्रणाली को बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है.
भारत में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास:
एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास डीआरडीओ द्वारा 2000 के दशक के आसपास पाकिस्तान और चीन द्वारा बैलिस्टिक संपत्तियों के विकास को देखते हुए शुरू किया गया था. इस कार्यक्रम का पहला फेज 2010 के अंत तक पूरा हो गया था. इस सिस्टम के तहत पृथ्वी मिसाइल पर आधारित उन्नत वायु रक्षा प्रणाली को विकसित किया गया था.
दूसरे फेज में हाई-एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम के विकास पर काम शुरू हुआ था जो अमेरिका के थिएटर हाई-एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम जैसा था जो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है.
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