Aadhaar rules amended: केंद्र सरकार ने हाल ही में 'आधार' (Aadhaar) नियमों में अहम् बदलाव किये है. नये नियम सहायक दस्तावेजों के अपडेशन से सम्बंधित है. नये नियम के अनुसार अब कोई भी अपने आधार के रजिस्ट्रेशन डेट से 10 वर्ष पूरे होने पर सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट को 'कम से कम एक बार' एक बार अपडेट कर सकता है. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसे वैकल्पिक भी बताया है.
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पिछले महीने आम लोगों से पहचान और निवास प्रमाण दस्तावेजों को अपडेट करने का आग्रह किया था. यह उन आधार संख्या पर लागू था जिनके रजिस्ट्रेशन की डेट को 10 वर्ष पूरे हो गए थे. ऐसे आधार संख्या में सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट में यदि कोई बदलाव करना चाहे तो कर सकता था.
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एक सरकारी एजेंसी है जो आधार संख्या जारी करती है और इनके डेटा का रख-रखाव करती है.
Government amends #Aadhaar rules, specifying that supporting documents need to be updated at least once by Aadhaar holders on completion of 10 years from enrolment date. pic.twitter.com/FVVJiBprfG
— All India Radio News (@airnewsalerts) November 11, 2022
कैसे किये जा सकते है बदलाव?
सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट में बदलाव करने के लिए 'आधार' रजिस्ट्रेशन के 10 वर्ष पूरे होने चाहिए यदि ऐसा है तो आप अपने डॉक्यूमेंट में बदलाव कर सकते है. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्टीकरण भी दिया है की यह वैकल्पिक होगा. इसमें बदलाव के लिए आपको अपने पहचान का प्रमाण (POI) और पते का प्रमाण (POA) देना आवश्यक होगा. उसके बाद अपडेट किया हुआ डेटा आपके आधार संख्या से जोड़ दिया जायेगा जिसे आप बाद में अपने नये आधार प्रिंट में देख सकते है.
अपडेट के लिए कैसे कर सकते है अप्लाई:
- UIDAI ने इसके सम्बन्ध में अपने myAadhaar पोर्टल पर 'अपडेट डॉक्यूमेंट' के नाम से एक नया लिंक प्रोवाइड कराया है, जिस पर जाकर आप अपने सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट को अपडेट कर सकते है.
- साथ ही आप किसी रजिस्टर आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी अपने डॉक्यूमेंट को अपडेट करा सकते है. इस सुविधा का उपयोग myAadhaar ऐप के माध्यम से भी उठाया जा सकता है.
- इस नयी सुविधा से आधार धारक अपने POI (नाम और फोटो युक्त डेटा) और POA (नाम और एड्रेस डेटा) आदि को अपडेट करके अपने सही डेटा को अपडेट भी कर सकते है.
'आधार' नियमों के बदलाव के लाभ:
यूआईडीएआई के इस बदलाव से आधार धारकों के डेटा को अपडेट के माध्यम से जानकारी की निरंतर सटीकता सुनिश्चित करना चाहता है. साथ ही साथ आधार डेटा को भी आसानी से अपडेट कर सकते है.
राज्य और केंद्र सरकार की 1,000 से अधिक लाभकारी योजनायें आधार के माध्यम से चलायी जाती है. अपडेट डेटा के माध्यम से नवीन जानकारी की मदद से सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से उठाया जा सकता है.
राज्य और केंद्र सरकार की बहुत योजनाओं में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का उपयोग किया जाता है जिसमें लगभग 650 राज्य सरकारों कि योजनायें और लगभग 315 केंद्र सरकार कि योजनायें शामिल है. जिनका अब आसानी से उपयोग किया जा सकता है.
यूआईडीएआई के बारे में:
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण भारत में 'आधार' जारी करने और इसके डेटा के रख-रखाव के लिए जिम्मेदार एजेंसी है. इसकी स्थापना 2009 में की गयी थी. यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है.
यूआईडीएआई के देश में आठ क्षेत्रीय कार्यालय (RO) है. यूआईडीएआई के दो डेटा सेंटर भी है, जिनमे से एक हेब्बल (बेंगलुरु), कर्नाटक में और दूसरा मानेसर (गुरुग्राम), हरियाणा में स्थित है. आधार नंबर 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या जो भारत के नागरिकों द्वारा स्वेच्छा से प्राप्त की जा सकती है.
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