Global Hunger Index 2022: वर्ष 2022 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 121 देशों की सूची में 107 वें स्थान पर है. भारत को 29.1 जीएचआई स्कोर के साथ 107वां स्थान दिया गया है. भारत अपने पड़ोसी देशों की तुलना में काफी पीछे है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार, भारत का यह स्कोर भुखमरी के गंभीर स्तर को दर्शाता है.
India's ranking at 107 in Global Hunger Index is part of consistent effort to taint country's image as "a nation that does not fulfil food security and nutritional requirements of its population”: Govt, adds index suffers from serious methodological issues
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2022
भारत की स्थिति:
भारत पिछले वर्ष इस सूची में 116 देशों में 101वें स्थान पर था. यमन इस सूची में सबसे नीचे 121वें स्थान पर है. इस लिस्ट में टॉप देशों में क्रोएशिया, एस्टोनिया और मोंटेनेग्रो सहित यूरोपीय देशों का दबदबा है. एशियाई देशों में चीन और कुवैत टॉप पर है. भारत वर्ष 2020 में 94वें स्थान पर था.
इस रिपोर्ट में भारत में अल्पपोषण में वृद्धि को दिखाया गया है, भारत में अल्पपोषण का प्रसार 2018-2020 में 14.6 प्रतिशत से बढ़कर 2019-2021 में 16.3 प्रतिशत हो गया है. जिसका अर्थ यह है कि भारत में वैश्विक स्तर पर कुल 828 मिलियन लोगों में से 224.3 मिलियन लोग कुपोषित है.
ग्लोबल हंगर इंडेक्स क्या है?
ग्लोबल हंगर इंडेक्स प्रतिवर्ष कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्थुंगरलाइफ द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया जाता है. इसे पहली बार वर्ष 2000 में प्रकाशित किया गया था. जीएचआई स्कोर के आधार पर विश्व के देशों की रैंकिंग तैयार की जाती है. कम स्कोर वाले देशों को लिस्ट में टॉप पर रखा जाता है. जीएचआई वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भुखमरी के व्यापक स्तर की गणना करता है.
GHI की गणना कैसे की जाती है?
प्रत्येक देश के जीएचआई स्कोर की गणना एक फार्मूला के आधार पर की जाती है. इसकी गणना चार प्रमुख संकेतकों के आधार पर की जाती है.
- अल्पपोषण (Undernourishment): इसके तहत किसी देश की उस जनसंख्या को कवर किया जाता है, जो अपर्याप्त कैलोरी का सेवन कर रहे है.
- चाइल्ड स्टंटिंग (Child Stunting): इसके पांच साल से कम उम्र के बच्चों के शामिल किया जाता है जिसमे बाल बौनापन के पहलु को मापा जाता है. यह गणना बच्चों के उम्र के अनुसार उनकी लम्बाई के विकास को दर्शाता है जिसके आधार पर GHI स्कोर तैयार किया जाता है.
- चाइल्ड वेस्टिंग (Child wasting): इसके तहत पांच साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा उनकी लम्बाई के आधार पर तैयार किया जाता है. उसके आधार पर उनमें कुपोषण के स्तर का अवलोकन किया जाता है.
- बाल मृत्यु दर (Child mortality): इसमे उन बच्चों का डेटा एकत्र किया जाता है जिनकी मृत्यु 5 वर्ष से कम की आयु में हो जाती है. यह डेटा आंशिक रूप से अपर्याप्त पोषण और अस्वास्थ्यकर वातावरण के घातक मिश्रण का दर्शाता है.
भारत के पड़ोसी देशों की रैंक:
भारत के पड़ोसी देश नेपाल (81), पाकिस्तान (99), श्रीलंका (64) और बांग्लादेश (84) भारत से आगे है. भारत लगातार इस सूची में फिसलता जा रहा है.
रिपोर्ट पर सरकार का पक्ष:
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस रिपोर्ट के पैमाने पर सवाल उठाएं है, और कहा है कि इसमें कई गंभीर पद्धतिपरक कमियां हैं साथ ही कहा गया की इस रिपोर्ट का उद्देश्य गलत सूचना फैलाना है. मंत्रालय ने कहा की भारत ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बेहतर कदम उठाये है.
India rejects Global Hunger Index Report 2022, says "report suffers from serious methodological issues"
— ANI Digital (@ani_digital) October 15, 2022
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