भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने 28 अक्टूबर 2021 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड से पहला गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक ‘पी15बी' प्राप्त किया. यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में 30 अक्टूबर 2021 को दी गई. बयान के अनुसार, विशाखापत्तनम' नाम के इस पोत का निर्माण और वितरण स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रमों के मद्देनजर सरकार और नौसेना के लिए मील का पत्थर है.
बयान के अनुसार, एक निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विध्वंसक अपने डेक से ही विमानरोधी प्रक्षेपास्त्र को दाग सकता है. नौसेना ने ट्वीट कर कहा कि मझगांव डॉक,मुंबई पर तैयार हुआ पहला स्वदेशी निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विध्वंसक ‘पी15बी पोत’ विशाखापत्तनम में 28 अक्टूबर 2021 को भारतीय नौसना को सौंपा गया.
Yet another testament of impetus given by Govt of India & the Navy towards #indigenous warship constn programmes.#Visakhapatnam - #first of the indigenous P15B stealth Guided Missile destroyers being built at #MazagonDock, #Mumbai delivered to #IndianNavy on 28 Oct 21.
— SpokespersonNavy (@indiannavy) October 30, 2021
(1/2). pic.twitter.com/sECvXvhl4R
इस जहाज में कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था
इस जहाज पर 312 कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था है और इसकी क्षमता 4000 नौटिकल माइल की है और यह टिपीकल 42 दिनों के लक्ष्य को पूरा करने में समर्थ है. इस जहाज में उच्च स्तरीय ऑटोमेशन के साथ डिजिटल नेटवर्क भी शामिल है जैसे गीगा बीट इथरनेट आधारित शिप डाटा नेटवर्क (जीईएसडीएन), कम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस), ऑटोमैटिक पावर मैनेजमेंट सिस्टम (एपीएमएस) और इंटीग्रेटेट प्लेटफार्म मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीएमएस) इत्यादि.
विध्वंसक पोत के बारे में
इस विध्वंसक पोत की लम्बाई 164 मीटर और विस्थापन क्षमता 7500 टन है. यह पोत सुपरसोनिक सरफेस टू सरफेस ‘ब्रह्मोस' मिसाइल तथा ‘बराक-8' लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल से लैस है. अंडरसी वारफेयर कैपेबल डिस्ट्रायर में स्वदेशी रूप विकसित एंटी सबमरीन वेपन और सेंसर लगाये गये हैं. साथ ही हेवी वेट टारपीडो ट्यूब लांचर्स, राकेट लांचर्स आदि भी दिए गए है.
भारतीय नौसेना की बढ़ी ताकत
विध्वंसक को शामिल करने से न केवल भारतीय नौसेना की युद्ध की तैयारी में वृद्धि होगी, बल्कि आत्मानिर्भर भारत के लिए हमारी खोज की दिशा में एक बहुत बड़ी छलांग होगी. वहीं इससे पहले भारतीय नौसेना ने मुंबई में नौसैनिक हेलीकॉप्टर बेस आईएनएस शिकारा पर अपनी 321 उड़ान में दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके III शामिल किए. भारतीय नौसेना के मुताबिक वर्तमान में 321 उड़ान में चेतक हेलीकॉप्टर शामिल हैं जिन्हें अधिक सक्षम और बहुमुखी ALH MK III विमानों से बदल दिया जाएगा जो अत्याधुनिक निगरानी, संचार, सुरक्षा और उत्तरजीविता उपकरणों से लैस हैं.
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