ISRO: इसरो ने अपना पहला कमर्शियल मिशन किया लॉन्च, जानें लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM3) M2 की ताकत

ISRO's Commercial Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक पहला कमर्शियल मिशन लॉन्च किया. इसे लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM3) M2 से लांच किया गया है. जानें इसकी ताकत

 इसरो ने अपना पहला कमर्शियल मिशन किया लॉन्च
इसरो ने अपना पहला कमर्शियल मिशन किया लॉन्च

ISRO's Commercial Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक पहला कमर्शियल मिशन लॉन्च किया. इसे लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM3) M2 से लांच किया गया है. इस मिशन के तहत 36 सैटेलाइट को उनकी ऑर्बिट में वेज गया है.

इस लांच के अवसर पर इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि यह लांच सफल रहा जो उपग्रहों को उनकी ऑर्बिट में स्थापित करेगा. न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डी. राधाकृष्णन ने कहा कि इसरो ने तीन से चार महीने की अवधि में जटिल मिशन को सफल बनाया है.

वनवेब लिमिटेड (OneWeb Ltd) के सैटेलाइट्स की हुई लॉन्चिंग:

ये सैटेलाइट्स वनवेब लिमिटेड कंपनी के है जो एक यूके आधारित स्पेस कंपनी है. जो इसरो की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) का एक ग्राहक है. भारती एंटरप्राइजेज वनवेब में एक महत्वपूर्ण निवेशक भी है. वनवेब लिमिटेड के 36 सैटेलाइट्स को इस मिशन के तहत स्पेस में भेजा गया है. वनवेब 588 सैटेलाइट्स का एक लो अर्थ ऑर्बिट तारामंडल स्थापित कर रहा है.

पीएम मोदी ने दी बधाई:

पीएम मोदी ने उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट के माध्यम से कहा कि 'यह आत्मनिर्भरता का एक और उदाहरण है. और  वैश्विक वाणिज्यिक प्रक्षेपण बाजार में देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी'. यह इसरो की एक बड़ी उपलब्धि है. आगे आने वाले समय में भारत स्पेस मार्केट में एक बड़े प्लेयर के रूप में उभरेगा.

मिशन की मुख्य विशेषताएं:

  • LVM3 इसरो का पहला वाणिज्यिक मिशन था. जो 36 सैटेलाइट्स को लेकर गया है.  
  • यह एक मल्टी सैटेलाइट मिशन था. इसकी मदद से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में यह पहला प्रक्षेपण था.
  • यह  छह टन पेलोड वाला पहला NSIL रॉकेट मिशन है. साथ ही यह वनवेब के साथ पहला मिशन भी है. 

लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (LVM3) M2 की ताकत:

  • मार्क 3 (LVM3) M2 इसरो का अब तक का सबसे ताकतवर रॉकेट लॉन्च व्हीकल है. यह तीन चरणों वाला प्रक्षेपण यान है. यह रॉकेट 6 टन का भार लेकर स्पेस में गया है.    
  • इसके पहले दो चरण में ठोस प्रणोदक स्ट्रैप-ऑन लगे होते है, इसके आखिरी फेज में L110 लिक्विड फ्यूल होता है. C25 क्रायोजेनिक फेज इसका मेंन फेज होता है. 
  • इसरो आगे आने वाले समय में इस रॉकेट की मदद से और भी मिशन लांच करेगा जिससे इसरो को वित्तीय लाभा भी होगा.

वनवेब की क्या है योजना?

वनवेब लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में तारामंडल स्थापित कर रहा है. इन उपग्रहों को 49-49 की संख्या में 12 रिंगों (ऑर्बिटल प्लेन्स) में स्थापित किया जा रहा है. यह (ऑर्बिटल प्लेन्स पृथ्वी से 1200 किमी ऊपर हैं. प्रत्येक उपग्रह प्रत्येक 109 मिनट में पृथ्वी का एक पूर्ण चक्कर पूरा करता है. इन सैटेलाइट्स की पूरी संख्या 588 है.

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