डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु झारखण्ड राज्य सरकार ने 1 अगस्त 2017 से प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान शुरू करने की घोषणा की है. सरकार द्वारा यह अभियान बीस दिनों तक चलाया जाएगा.
जिसके तहत प्रत्येक घर से कम से कम एक व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस दौरान पंद्रह लाख छात्र-छात्राओं के निबंधन तथा उनमें से कम से कम दस लाख लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा.
सूचना तकनीक सह ई-गवर्नेंस विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह के अनुसार अभियान के तहत 14-60 साल के लोगों को 20 घंटे का प्रशिक्षण देकर उन्हें डिजिटल साक्षर किया जाएगा.
इस अभियान के तहत साक्षर होने वाले लोगों को एक परीक्षा देनी होगी, जिसमें डिजिटल से संबंधित 25 प्रश्न पूछे जाएंगे. यह परीक्षा उत्तीर्ण किए जाने पर राज्य सरकार द्वारा डिजिटल साक्षर होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा.
इस अभियान में राज्य सरकार का मुख्य फोकस हाई स्कूलों पर रहेगा, जहां छात्र-छात्राओं को स्कूल अवधि से पहले सुबह आठ से दस बजे या स्कूल अवधि के बाद शाम चार बजे से छह बजे तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी ई-प्रेरकों को प्रदान की गई है. प्रत्येक ई-प्रेरक को प्रति व्यक्ति साक्षर करने पर तीन सौ रुपये प्रदान किए जाएंगे. इस आधार बेस्ड प्रशिक्षण में सब कुछ कुछ ऑनलाइन होगा.
अब प्रखंडों में बनेगा आधार
सचिव के अनुसार अब आधार कार्ड बनवाने या संशोधन के लिए पहली बार प्रखंडों में मशीन लगाई गई हैं. दस दिनों में सभी प्रखंडों में यह सेवा शुरू कर दी जाएगी. राज्य के चार विभाग आइटी, ग्रामीण विकास, उद्योग एवं खान, कार्मिक तथा रांची उपायुक्त कार्यालय अगस्त माह से पेपरलेस हो जाएंगे.

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