नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है. नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत को जून 2022 तक एक साल का विस्तार दिया गया है. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा 29 जून 2021 को इसे लेकर एक आदेश जारी किया गया.
मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 30 जून 2021 के बाद एक साल की अवधि (30 जून 2022 तक) के लिए कांत के कार्यकाल के विस्तार को अपनी मंजूरी दे दी. फरवरी 2016 में यह पद संभालने के बाद से अब तक 65 वर्षीय अमिताभ कांत का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाया गया है.
अमिताभ कांत: एक नजर में
• अमिताभ कांत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं. नीति आयोग के सीईओ बनाए जाने से पहले तक कांत औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग में सचिव थे.
• कांत को 17 फरवरी 2016 को दो साल के कार्यकाल के लिए सरकार द्वारा नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया था. इससे पहले 2019 में उनका दो साल के लिए सेवा विस्तार किया गया था.
• अमिताभ कांत सरकार द्वारा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर शुरू की गई योजनाओं की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं. वे ‘मेक इन इंडिया’, स्टार्ट-अप इंडिया, ‘अतुल्य भारत’ और ‘गॉड्स ओन कंट्री’ पहल के प्रमुख अगुआ थे.
नीति आयोग के बारे में
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) भारत सरकार द्वारा गठित एक नया संस्थान है. इसे योजना आयोग के स्थान पर बनाया गया है. 1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग के स्थान पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक संकल्प पर नीति आयोग का गठन किया गया. यह संस्थान सरकार के थिंक टैंक के रूप में सेवाएं प्रदान करेगा और उसे निर्देशात्मक एवं नीतिगत गतिशीलता प्रदान करेगा.
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत हैं. नीति आयोग ग्राम स्तर पर विश्वसनीय योजना तैयार करने के लिए तंत्र विकसित करेगा और इसे उत्तरोत्तर उच्च स्तर तक पहुंचाएगा.
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