RBI Monetary Policy: आरबीआई ने फिर बढ़ाया 0.50 फीसदी रेपो रेट, जानें क्या पड़ेगा प्रभाव?

Jun 9, 2022, 09:09 IST

RBI Monetary Policy: आरबीआई के इस फैसले से बैंक ग्राहकों को जोरदार झटका लग सकता है, क्योंकि जल्द ही बैंक पर्सनल लोन, होम लोन और कार लोन की EMI में बढ़ोतरी कर सकते हैं. 

RBI Repo Rate
RBI Repo Rate

RBI Monetary Policy: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 08 जून 2022 को रेपो दर में 50 बेसिस प्‍वाइंट की बढ़ोतरी का घोषणा किया है. बता दें रिजर्व बैंक ने रेपो रेट (Repo Rate Hike) को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दिया है. इसके बाद रेपो रेट 4.90 प्रतिशत हो गया है.

आरबीआई के इस फैसले से बैंक ग्राहकों को जोरदार झटका लग सकता है, क्योंकि जल्द ही बैंक पर्सनल लोन, होम लोन और कार लोन की EMI में बढ़ोतरी कर सकते हैं. यह लगभग एक महीने के अंतराल में रेपो रेट (Repo Rate Hike) में लगातार दूसरी बढ़ोतरी है.

रेपो रेट क्यों बढ़ाया गया?

भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी का घोषणा किया. बता दें जिस तरह से महंगाई दर में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है उसपर नियंत्रण करने हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह फैसला लिया है.

एक महीने में दूसरी बढ़ोतरी

आरबीआई ने 8 जून 2022 को मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद पांच हफ्तों में दूसरी बार रेपो रेट (Repo Rate) में बदलाव किया है. बता दें इससे पहले आरबीआई ने पिछले माह 04 मई 2002 को ही अचानक रेपो रेट में 0.40 बेसिस प्वाइंट के वृद्धि का घोषणा किया था.

7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की ओर से रिटेल महंगाई देर अप्रैल-जून की तिमाही में 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जाहिर किया गया है. जबकि दूसरी तिमाही के दौरान रिटेल महंगाई दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

महंगाई की दर 7.8 प्रतिशत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई की दर 7.8 प्रतिशत रही थी, जो मई 2014 के बाद सबसे ज्यादा है. बता दें इसी तरह अप्रैल 2022 में थोक महंगाई (Wholesale Inflation) की दर बढ़कर 15.08 प्रतिशत पर पहुंच गई थी, जो दिसंबर 1998 के बाद सबसे अधिक है.

रेपो रेट क्या है?

बता दें कि रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है जिस दर पर आरबीआई अन्य बैंको को छोटी अवधि के लिए पैसा देता है. इस कर्ज से बैंक ग्राहकों को ऋण देते हैं. रेपो रेट कम होने से मतलब है कि बैंक से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के कर्ज सस्ते हो जाएंगे. रेपो रेट बढ़ने से मतलब है कि बैंक से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के कर्ज महंगे हो जाएंगे.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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