अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 19 जून 2018 को पेंटागन को स्पेस फोर्स तैयार करने का आदेश दिया है. अमेरिका का उद्देश्य अंतरिक्ष में अपना दबदबा कायम करने के लिए स्पेस फोर्स का गठन करना है.
अमेरिका का कहना है कि वह स्पेस फोर्स बनाने वाला पहला देश होगा. हालांकि, रूस के पास भी ऐसी ही फोर्स है, जिसका बाद में उसने एयरफोर्स में विलय कर दिया था. स्पेस फ़ोर्स अमेरिकी सेना की यह छठी शाखा होगी और अंतरिक्ष में अमेरिकी दबदबे को सुनिश्चित करेगी.
अमेरिका के पास आर्मी, एयरफोर्स, मरीन, नेवी और कोस्ट गार्ड हैं. अमेरिका इस फोर्स के साथ भविष्य में अंतरिक्ष में लड़ी जाने वाली किसी भी लड़ाई के लिए तैयारी कर सकेगा. स्पेस ऑपरेशन में निगरानी के लिए इस फोर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. ट्रंप के स्पे्स फोर्स का कार्यभार जनरल जोसेफ डनफोर्ड को सौंपा गया है.
राष्ट्रपति ट्रम्प की अन्य घोषणाएं
• इस अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक नई अंतरिक्ष नीति पर हस्ताक्षर किये जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष कचरे को धरती पर न गिरने देना है. इससे सेटेलाईट डिजाईन तथा ऑपरेशन के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किये जायेंगे.
• राष्ट्रपति ने चंद्रमा पर फिर से अंतरिक्ष यात्री भेजने की योजनाओं को फिर से शुरू किया और 10 वर्षों के भीतर एक और मानव लैंडिंग चंद्रमा तथा साथ ही मंगल ग्रह पर करने का भी निर्णय लिया.
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आउटर-स्पेस संधि
अमेरिका भी आउटर स्पेधस संधि का हिस्सा् है, जिसके तहत कोई भी देश सामूहिक विनाश का हथियार अंतरिक्ष में तैनात नहीं कर सकता है. साथ ही इस संधि के तहत चंद्रमा और खगोलीय पिंडों का इस्ते माल शांति के लिए ही किया जा सकता है.
स्पेस-फ़ोर्स प्रस्ताव पहले स्थगित क्यों किया गया?
• स्पेस फ़ोर्स बनाए जाने का विचार ट्रम्प द्वारा कुछ माह पहले व्यक्त किया गया था. इसे अमेरिकी प्रतिनिधी माइक डी रोजर्स एवं जिम कूपर द्वारा 2017 में प्रस्तावित किया गया.
• उस समय इसे सेना की पृथक ब्रांच के रूप में पेश किया गया.
• इस योजना के अंतर्गत इस शाखा को एयर फ़ोर्स विभाग को रिपोर्ट करना था.
• उस समय इसे इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि इसे पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों जैसे रक्षा मंत्री जिम मैटिस, एयर फ़ोर्स सेक्रेटरी हीथर विल्सन आदि द्वारा ठुकरा दिया गया था.
• अधिकारियों का मानना था कि इससे स्पेस फ़ोर्स और एयर फ़ोर्स के बीच मतभेद पैदा हो सकते हैं क्योंकि एयर फ़ोर्स पहले से ही स्पेस कमांड संभाल रही है.
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