World's population: संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल के जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ल्ड पॉपुलेशन के आज 8 अरब तक पहुंचने का अनुमान है. यह वर्ल्ड पॉपुलेशन डेवलपमेंट में एक मील का पत्थर है. संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम अनुमानों में कहा गया है कि वैश्विक जनसंख्या 2030 में लगभग 8.5 बिलियन तक पहुँच जाएगी.
यूएन के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग के तहत, यूएन पॉपुलेशन डिवीज़न, अंतरराष्ट्रीय प्रवासन और विकास, शहरीकरण, विश्व जनसंख्या की संभावनाओं और नीतियों, और विवाह और फर्टिलिटी संबंधी आंकड़ों के रूप में इस तरह के मुद्दों पर जानकारी प्रदान करता है.
8⃣ billion hopes
— UNFPA (@UNFPA) November 15, 2022
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Our planet is now home to 8⃣ billion people.
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वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट रिपोर्ट:
- वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट रिपोर्ट 2022, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या अनुमानों का 27वां संस्करण है जो आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग के जनसंख्या प्रभाग द्वारा तैयार किया गया है.
- वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोस्पेक्ट रिपोर्ट इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जारी की गयी है. इस रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल पॉपुलेशन 1950 के बाद से अपनी सबसे धीमी दर से बढ़ रही है, जो 2020 में एक प्रतिशत से भी कम हो गई है.
- इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2050 तक ग्लोबल पॉपुलेशन में अनुमानित वृद्धि का आधे से अधिक का योगदान केवल आठ देशों भारत, कांगो, मिस्र, इथियोपिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और तंजानिया पर केन्द्रित होगा.
- संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2023 के दौरान भारत के दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन को पीछे छोड़ देगा.
- रिपोर्ट के अनुसार, जनसंख्या वृद्धि आंशिक रूप से मृत्यु दर में गिरावट के कारण होती है. विश्व स्तर पर, जीवन प्रत्याशा (life expectancy) 2019 में 72.8 वर्ष तक पहुंच गई, जिसमे 1990 के बाद से लगभग 9 वर्षों की वृद्धि हुई है.
हमारी बढ़ती पॉपुलेशन:
वर्ष 1950 में, दुनिया की आबादी लगभग 2.6 बिलियन थी. यह वर्ष 1987 में 5 अरब और वर्ष 1999 में 6 अरब तक पहुंच गयी थी. इसी कड़ी में एक ग्लोबल मूवमेंट 7 बिलियन एक्शन शुरू किया गया था. अगले 30 वर्षों में दुनिया की जनसंख्या में 2 बिलियन लोगों की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो वर्तमान में 7.7 बिलियन से 2050 में 9.7 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है. साथ ही इसके 2100 के आसपास लगभग 11 बिलियन तक पहुँच सकती है.
चीन और भारत की पॉपुलेशन:
चीन और भारत इस समय सबसे अधिक आबादी वाले देश है. चीन और भारत दुनिया की आबादी का 1 9 और 18 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते है.
ग्लोबल पॉपुलेशन में सबसे अधिक पॉपुलेशन वाले कॉन्टिनेंट/रीजन में एशिया (4.7 बिलियन), अफ्रीका में 17 प्रतिशत (1.3 अरब), यूरोप में 10 प्रतिशत (750 मिलियन),लैटिन अमेरिका में 8 प्रतिशत और कैरेबियन (650 मिलियन) में 8 प्रतिशत, और उत्तरी अमेरिका (370 मिलियन) और ओशिनिया (43 मिलियन) और शेष चीन (1.44 अरब) और भारत (1.3 9 अरब) की पॉपुलेशन का योगदान है.
जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक:
फर्टिलिटी रेट: जनसंख्या वृद्धि भविष्य की प्रजनन क्षमता पर निर्भर करती है. वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट रिपोर्ट (2019 रिवीजन) के अनुसार ग्लोबल फर्टिलिटी 2019 में प्रति महिला 2.5 बच्चों से गिरकर 2050 में 2.2 हो जाने का अनुमान लगाया गया है.
जीवन प्रत्याशा: हाल के वर्षों में जीवन प्रत्याशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाई दिए है. विश्व स्तर पर, जन्म के समय जीवन प्रत्याशा 2019 में 72.6 वर्ष से बढ़कर 2050 में 77.1 वर्ष होने की उम्मीद है.
इंटरनेशनल माइग्रेशन: अंतर्राष्ट्रीय प्रवास जन्म या मृत्यु की तुलना में जनसंख्या परिवर्तन का एक बहुत छोटा घटक है. हालाँकि, कुछ देशों और क्षेत्रों में जनसंख्या के आकार पर इंटरनेशनल माइग्रेशन का असर महत्वपूर्ण रूप से हुआ है.
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