राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा आशा सहयोगिनियों के लिए विशेष प्रोत्साहन कार्यक्रम प्रांरभ करने के निर्देशों की अनुपालना में चिकित्सा विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा 2 सितम्बर 2015 को विशिष्ट पहल कर ‘आशा-उत्थान’ कार्यक्रम शुरू किया गया है.
आशा-उत्थान कार्यक्रम के अंतर्गत आशा ज्योति, हैड आशा, सर्वश्रेष्ठ आशा अवार्ड एवं आशा दिवस कार्यक्रमों को समेकित रूप में तैयार कर क्रियान्वित किया जाएगा.
कार्यक्रम के अंतर्गत समेकित अभिनव कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में कार्यरत 47 हजार 653 आशा सहयोगिनियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही कौशल संवर्धन किया जाएगा.
‘आशा ज्योति’ कार्यक्रम में 1 हजार 20 कुशल आशाओं को नेशनल इन्सटीट्यूट ऑफ ओपन स्कूभलग (एन.आई.ओ.एस) के माध्यम से सैकंडरी एवं सीनियर सैकंडरी का अध्ययन खर्च एनएचएम मद से करने के प्रावधान किए जा रहे हैं.
सीनीयर सैकंडरी उत्तीर्ण करने वाली आशाओं को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुपरवाईजर के समान दर्जा दिया जा सकेगा.
‘हैड आशा’ के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यरत लक्ष्य से अधिक उपलब्धियां अर्जित करने वाली आशा सहयोगिनियों को हैड आशा नियुक्त के रूप में नियुक्त किया जाएगा. हैड आशा पीएचसी सुपरवाईजर के समान कार्यों का संचालन करेंगी. इसके लिए उन्हें अतिरिक्त 1 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दिये जाये जाने का प्रावधान किया जा रहा है.
‘सर्वश्रेष्ठ आशा अवार्ड’ कार्यक्रम के माध्यम से जिले में सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य अर्जित करने वाली आशाओं का चयन कर सर्वश्रेष्ठ तीन आशासहयोगिनियों को जिला स्तर पर पुरस्कृत कर सम्मानित किया जायेगा. पुरस्कार स्वरूप चयनित तीन आशाओं को 5 हजार, 3 हजार एवं 2 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि पुरस्कार में दी जायेंगी.
आशा दिवस आयोजनों में आशा सहयोगिनियों के ज्ञान कौशल विकसित करने के लिए विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के तकनीकी व सामाजिक जानकारियां दी जाएंगी।. इन सभी अभिनव गतिविधियों हेतु वित्तीय वर्ष 2015-2016 में लगभग 40 लाख रुपये की राशि का सदुपयोग किया जाएगा.

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