उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की अधिसूचना 2 नवंबर 2011 को जारी की. इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव हेतु दलों के प्रतीक आरक्षित करने व प्रतीकों के आवंटन हेतु अधिसूचना जारी की.
राज्य निर्वाचन आयोग ने चार अलग-अलग अधिसूचना जारी की, जिसमें पूर्व में मुक्त प्रतीक जारी करने संबंधी अधिसूचना को संशोधित कर दिया गया. साथ ही निकाय चुनाव के लिए मान्यता प्राप्त 14 राजनीतिक दलों के संबंधित प्रतीकों को उनके लिए आरक्षित कर दिया गया. राज्य निर्वाचन आयोग में पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दलों के लिए भी 15 प्रतीक तय किए गए. इसके तहत पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दल को उक्त प्रतीकों में से किसी एक पर पूरे प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग में आवेदन करना है.
ज्ञातव्य हो कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने वर्ष 2010 में उत्तर प्रदेश नगर पालिका (सदस्यों, पार्षदों, अध्यक्षों और महापौरों का निर्वाचन ) नियमावली-2010 बनाकर दलविहीन निकाय चुनाव कराए जाने की व्यवस्था की थी. नियमावली के नियम 4(2) के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने भी निकाय चुनाव में महापौर व अध्यक्ष पद के लिए 50 और पार्षद-सदस्य पद के लिए 75 मुक्त प्रतीक चिह्न तय कर संबंधित अधिसूचना फरवरी-अप्रैल 2010 में जारी की थी.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पांच मई 2011 को दलविहीन निकाय चुनाव कराए जाने संबंधी नियमावली के नियम 4(2) को संविधान के विपरीत बताते हुए निरस्त कर दिया था.
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