कर्मचारी भविष्य निधि (EPF: Employees’ Provident Fund, ईपीएफ) के खातों में जमा लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये के प्रबंधन की जिम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआइ के अलावा तीन अन्य वित्तीय संस्थानों को दिया गया. ये तीन अन्य वित्तीय संस्थान हैं- आइसीआइसीआइ सिक्योरिटीज, रिलायंस कैपिटल और एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO: Employees’ Provident Fund Organisation, ईपीएफओ) के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT: central board of trustees, सीबीटी) की 14 जुलाई 2011 को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया.
केंद्रीय श्रम मंत्रालय के अनुसार इन चारों वित्तीय संस्थानों की नियुक्ति तीन वर्षों के लिए हुई है. परंतु इन संस्थानों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखने के उद्येश्य से एक वर्ष बाद इनके कामकाज समीक्षा की जानी है.
ज्ञातव्य हो कि इसके पहले भी वर्ष 2008 में एसबीआइ सहित चार वित्तीय संस्थानों को यह जिम्मेदारी दी गई थी. इनका कार्यकाल 31 मार्च 2011 को समाप्त हो गया था. उससे पहले वर्ष 2008 तक भविष्य निधि कोष के निवेश की जिम्मेदारी एसबीआइ की थी. तब केंद्र सरकार ने बेहतर रिटर्न का तर्क देते हुए निजी क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को भी इसकी अनुमति दी थी.
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