केंद्र सरकार ने 20 मार्च 2015 को सभी केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया.
केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले की अधिसूचना जारी होने के बाद सभी नई भर्तियों में महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण का प्रावधान लागू हो जाएगा. यह आरक्षण केवल कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर स्तर पर ही लागू होगा. सब इंस्पेक्टर से ऊपर के पदों पर पहले की तरह भर्ती जारी रहेगी. जिन वर्गों को (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग) को पहले से आरक्षण मिला हुआ है, उनके कोटे में उस वर्ग की महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित होंगी.
विदित हो कि जस्टिस वर्मा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दुष्कर्म की शिकायत की जांच महिला पुलिस कर्मी द्वारा कराने की सिफारिश की थी और गृह मंत्रालय इसके अनुसार सीआरपीसी और आइपीसी में जरूरी संशोधन कर चुका है. लेकिन महिला पुलिस कर्मियों की कमी के कारण इसे पूरी तरह लागू करना संभव नहीं हो पा रहा था. इसी को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने का निर्णय लिया गया. पुलिस को महिलाओं के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में यह अहम कदम साबित हो सकता है. केंद्र सरकार के इस फैसले से राज्य सरकारों पर इसे लागू करने के लिए दबाव बनेगा.
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