मशहूर शायर और गीतकार निदा फाजली का 8 फरवरी 2016 को मुंबई में निधन हो गया. वह 76 वर्ष के थे.
वह लम्बे समय से बीमार चल रहे थे. उनका निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ.
निदा फाजली के बारे में
• निदा फाजली का जन्म दिल्ली में एक कश्मीरी परिवार में हुआ उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा(स्कूल) ग्वालियर में ली.
• इनके पिता पिता मुर्तुज़ा हसन स्वयं एक शायर थे.
• लफ़्ज़ों के फूल (पहला प्रकाशित संकलन), मोर नाच, आँख और ख़्वाब के दरमियाँ और खोया हुआ सा कुछ उनके कुछ प्रसिद्ध काव्य संग्रह हैं.
• निदा फाजली ने सूरदास की एक कविता से प्रभावित होकर शायर बनने का फैसला किया था.
• फिल्म उद्योग में दस वर्ष के संघर्ष के बाद वर्ष 1980 में प्रदर्शित फिल्म ‘आप तो ऐसे न थे’ में अपने गीत ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है...’ से उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की.
• मुलाक़ातें,सफ़र में धूप तो होगी और तमाशा मेरे आगे उनके कुछ प्रसिद्ध संस्मरण हैं.
पुरस्कार एवं सम्मान
• उन्हें वर्ष 1998 में काव्य संग्रह खोया हुआ सा कुछ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
• वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
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