राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 18 नवंबर 2015 को न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया.
न्यायमूर्ति ठाकुर भारत के 43 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में 3 दिसंबर 2015 को कार्यभार ग्रहण करेंगे. उनका कार्यकाल 3 जनवरी 2017 तक होगा.
न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर के बारे में
• न्यायमूर्ति ठाकुर ने अक्टूबर 1972 में वकालत शुरू की और अपने पिता डीडी ठाकुर के निर्देशन में वकालत शुरू की.
•उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, कराधान और सेवा मामलों में वकालत की.
• 1986 में वे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए.
1990 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला.
• 16 फ़रवरी 1994 को वे जम्मू - कश्मीर उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए गए.
• मार्च 1994 में उन्हें कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किया गया.
• जुलाई 2004 में वे दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किए गए.
• 9 अप्रैल 2008 को उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया.
• 11 अगस्त 2008 को उन्होंने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया.
• वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए गए और उन्होंने 17 नवंबर 2009 को कार्यभार ग्रहण किया.
• डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ ने 31 अक्टूबर 2015 को उन्हें लॉ में डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी.
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