भारत और तंजानिया ने 19 जून 2015 को द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए पर्यटन, शिक्षा और हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तंजानिया के जकाया म्रिशो किकवेते की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. तंजानिया के राष्ट्रपति 17 जून से 21 जून 2015 तक भारत की पांच दिन की यात्रा पर है.
समझौते
• कृषि विज्ञान, सांख्यिकी, कम्प्यूटर अनुप्रयोगों और जैव सूचना विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन: आईटी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण हेतु पूर्वी अफ्रीका सांख्यिकीय प्रशिक्षण केंद्र (ईएएसटीसी), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान के बीच समझौता किया गया.
• पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन: पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए की
• ऋण सुविधा के लिए एक्जिम बैंक और तंजानिया सरकार के बीच समझौता: इन समझौतों में तंजानिया में एक पाइपलाइन परियोजना के विस्तार के लिए 268.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा के लिए एक्जिम बैंक और तंजानिया सरकार के बीच समझौता किया गया.
• हाइड्रोग्राफी और जल सर्वेक्षण डाटा के आदान प्रदान के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन: सर्वेक्षण, डाटा, क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के माध्यम से हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में विकास और सहयोग को बढ़ावा देने हेतु समझौता किया गया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तंजानिया के राष्ट्रपति जकाया मृशो किकवेते के बीच व्यापक बातचीत के दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद से मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने का भी निर्णय किया. किकवेते ने भी अपने देश में भारतीय निवेश की मांग की और भारतीय निवेशकों को तंजानिया में निवेश के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.
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