ग्रांट थार्नटन ब्रिटेन एलएलपी के द्वारा अप्रैल 2014 के पहले सप्ताह में जारी ‘इंडिया ट्रैकर 2014’ नामक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कम्पनियां ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं. इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि भारतीय कंपनियां ब्रिटेन के सकारात्मक सकल घरेलू उत्पाद तथा देश में रोजगार के विकास में महत्व पूर्ण योगदान दे रहीं है.
यह रिपोर्ट भारतीय उद्योग परिसंघ के सहयोग से जारी(विकसित) किया गया है. भारतीय उद्योग परिसंघ ब्रिटेन द्वारा पंजीकृत भारतीय मूल की कम्पनियों की पहचान कर सर्वाधिक गति से बढ़ते कार्पोरेट कि पहचान उनके द्वारा कारोबार एवं रोजगार सृजन के माप के आधार पर करता है.
इस रिपोर्ट की शुरुआत भारतीय उच्चायुक्त रंजन मथाई द्वारा एक विशेष रात्रि भोज जिसमें तेजी से विकास कर रही एवं सबसे बड़ी भारतीय कंपनियों के नियोक्ताओं में से कुछ ने भाग लिया था, के दौरान की गई थी.
इस रिपोर्ट की एक शोध में यह बताया गया है कि वर्तमान समय में वृहद् एवं लघु आकार वाली लगभग 700 भारतीय स्वामित्व वाली कम्पनियां ब्रिटेन में अपना व्यवसाय करते हुए सामूहिक रूप से तकरीबन 10000 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान कर रहीं हैं.इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि तेजी से वृद्धि कर रही 41 शीर्षस्थ भारतीय कम्पनियां अपने कारोबार से कुल 19 अरब पाउंड का टर्न ओभर प्राप्त करती हैं, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर टाटा मोटर्स का प्रभुत्व है. इस रिपोर्ट के जरिये 12 ऐसे भारतीय कार्पोरेट की पहचान की गयी है जिनके द्वारा ब्रिटेन में लगभग 1000 लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है.

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