मालदीव, श्रीलंका एवं भारत के मध्य समुद्री सुरक्षा सहयोग पर तीसरी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तरीय बैठक नई दिल्ली में 6 मार्च 2014 को संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन ने की.
बैठक के दौरान, तीन पक्षों ने पहचान किए गए क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा की और उसके प्रगति पर संतोष व्यक्त किया.
बैठक के दौरान, तीन पक्षों ने संयुक्त गतिविधियों के कार्यान्वयन की गति तेज करने तथा नए क्षेत्रों में सहयोग कार्यक्रम तैयार करने के लिए कार्यकारी / तकनीक स्तरीय समूहों को निर्देश दिया कि वह जल्दी से जल्दी अपनी बैठक करें.
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों को चर्चा के लिए शामिल किया.
• जल विज्ञान
• प्रशिक्षण, यात्रा, बोर्ड,
• तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में प्रशिक्षण.
• थिंक टैंक के बीच आदान-प्रदान.
• साहसिक गतिविधियों में संयुक्त भागीदारी.
• भारतीय नौकायन प्रशिक्षण.
•पोतों पर प्रशिक्षण.
तकनीकी समूहों को भी संयुक्त गतिविधियों के कार्यान्वयन में तेजी लाने और नए क्षेत्रों में सहयोग के एक कार्यक्रम के बाहर काम करने के लिए कहा गया.
भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन, मालदीव के शिष्टमंडल का नेतृत्व मालदीव के रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री कर्नल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद नजीम और श्रीलंका के शिष्टमंडल का नेतृत्व श्रीलंका के रक्षा एवं शहरी विकास मंत्रालय में सचिव गोटाबाया राजपक्षा ने किया.
मारीशस एवं सेशल्स ने इस बैठक में अतिथि देश के रूप में भाग लिया. बैठक में तीनों देशों ने मॉरीशस एवं सेशल्स की उपस्थिति का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इस पहल में मॉरीशस एवं सेशल्स की भागीदारी से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा में वृद्धि होगी.


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