व्यापार के क्षेत्र में सुधार के लिए ‘ऐसेसएमेंट ऑफ़ स्टेट इम्प्लीमेंटेशन ऑफ़ बिज़नस रिफार्म’ शीर्षक से एक रिपोर्ट 14 सितंबर 2015 को जारी की गई.
यह रिपोर्ट संयुक्त रूप से औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी), विश्व बैंक समूह और केपीएमजी, भारतीय उद्योग परिसंघ और फिक्की द्वारा जारी की गई.
इस रिपोर्ट में जनवरी 2015 से जून 2015 तक विभिन्न राज्यों की सरकार द्वारा 98 पॉइंट एक्शन प्लान के आधार पर किए गए व्यापार सुधार का मूल्यांकन किया गया है. 98 पॉइंट एक्शन प्लान वर्ष 2014 के दिसम्बर माह में विभिन्न राज्यों एवं संघ शासित राज्यों और औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था.
रिपोर्ट के अनुसर प्रथम दस राज्य जिन्होंने ने 98 पॉइंट एक्शन प्लान लागू किया है
| स्थान | राज्य | सरकार |
| 1 | गुजरात | 71.14 प्रतिशत |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 70.12 प्रतिशत |
| 3 | झारखण्ड | 63.09 प्रतिशत |
| 4 | छत्तीसगढ़ | 62.45 प्रतिशत |
| 5 | मध्य प्रदेश | 62.00 प्रतिशत |
| 6 | राजस्थान | 61.04 प्रतिशत |
| 7 | उड़ीसा | 52.12 प्रतिशत |
| 8 | महाराष्ट्र | 49.43 प्रतिशत |
| 9 | कर्नाटक | 48.50 प्रतिशत |
| 10 | उत्तर प्रदेश | 47.37 प्रतिशत |
रिपोर्ट के अनुसार -
• आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान के आकलन में अध्ययन 98 सूत्रीय कार्य योजना के व्यापार सुधारों के 50 प्रतिशत से अधिक को लागू किया है.
• गुजरात इस सूची में शीर्ष स्थान पर है.
• कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शीर्ष 10 राज्यों में है.
• कोई भी राज्य प्लान के 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रस्तावों को लागू नहीं कर सका.
• पंजाब व्यवसाय स्थापित करने के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर है क्योंकि पंजाब ने पंजीकरण और लाइसेंस के लिए एक ऑनलाइन एकल खिड़की प्रणाली की सुविधा शरू की है जो देश की अधिकतम नियामक सेवाओं को कवर करता है.
• गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ने बिजली, पानी और सीवेज कनेक्शन जैसी आधारिक संरचना के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है.
• कर्नाटक ने पंजीयन और कर प्रक्रियाओं के पालन पर सर्वोच्च अंक प्राप्त किया.
• झारखंड ने निरीक्षण क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है.
• राज्यों ने वैट और सीएसटी के लिए ई-पंजीकरण के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है, विभिन्न राज्यों ने टेक्स रिटर्न की ऑनलाइन भुगतान और फाइलिंग को अनुमति प्रदान की है.
• 29 राज्यों ने वैट की ऑनलाइन भुगतान की सुविधा को और 28 राज्यों ने सीएसटी की ऑनलाइन भुगतान की सुविधा को अनुमति प्रदान की है.
• 25 राज्यों ने वैट पंजीकरण के लिए समय-सीमा को निर्धारित किया है और 21 राज्यों ने सीएसटी पंजीकरण के लिए समय-सीमा को निर्धारित किया है.

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