कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अशंधारक अब भविष्य निधि (पीएफ) की निकासी के लिए आवेदन अपने नियोक्ता (कंपनी) के सत्यापन के बिना ही जमा कर सकते हैं. 02 दिसम्बर 2015 को ईपीएफओ ने पीएफ निकासी दावों के ऑनलाइन निपटान की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए आज यह मंजूरी दी.
कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान (संशोधन) विधेयक, 2015 में पीएफ कटौती के उद्देश्य से 'अंशदायी वेतन' की अवधारणा को शामिल किया गया है. ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त केके जालान इस विधेयक को शीघ्र ही मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष भेजेंगे.
यह सुविधा उन अंशधारकों के लिए होगी जिनका यूनिवर्सल या पोर्टेबल पीएफ खाता संख्या (यूएएन) सक्रिय हो चुका है और जिसके लिए बैंक खाता और आधार संख्या जैसी जानकारी दी जा चुकी है<
इस नई व्यस्था से निकासी दावे सीधे ईपीएफओ के यहां दाखिल करने की सुविधा से अंतत: हमें इस तरह के आवेदनों के ऑनलाइन निपटान की सुविधा शुरू करने में मदद मिलेगी. ईपीएफओ के कार्यालयी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारी अपने दावे फॉर्म-19, फॉर्म -आईओसी व फॉर्म 31 में दाखिल कर सकते हैं.
फॉर्म 19, फॉर्म 1 ओसी भरने होंगे.
जिन ईपीएफ सदस्यों के यूएएन नंबर एक्टिवेट हो गए हैं, वे इस सुविधा के लाभ के लिए फॉर्म 19, फॉर्म 1 ओसी और फॉर्म 31 भरकर सीधे भविष्य निधि आयुक्त को बगैर नियोक्ता के सत्यापन के आवेदन सौंप सकेंगे. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं.
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