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पूर्वी या पूर्वांचल पहाड़ियाँ

दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़ जाता है और भारत की पूर्वी सीमा का निर्धारण करता है| हिमालय के इस भाग को ‘पूर्वी या पूर्वांचल पहाड़ियाँ’ कहा जाता है| डफला, अबोर, मिश्मी, पटकई बूम, नागा, मणिपुर, गारो, ख़ासी, जयंतिया व मिज़ो पहाड़ियाँ पूर्वांचल की पहाड़ियों का ही भाग हैं|
Apr 13, 2016 15:46 IST
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दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़ जाता है और भारत की पूर्वी सीमा का निर्धारण करता है| हिमालय के इस भाग को ‘पूर्वी या पूर्वांचल पहाड़ियाँ’ कहा जाता है| डफला, अबोर, मिश्मी, पटकई बूम, नागा, मणिपुर, गारो, ख़ासी, जयंतिया व मिज़ो पहाड़ियाँ पूर्वांचल की पहाड़ियों का ही भाग हैं|

पूर्वांचल की प्रमुख पहाड़ियाँ

  • डफला पहाड़ियाँ: ये पहाड़ियाँ तेजपुर और उत्तरी लखीमपुर के उत्तर में अवस्थित हैं और पश्चिम में ये अका पहाड़ियों व पूर्व में अबोर पहाड़ियों से घिरी हुई हैं|
  • अबोर पहाड़ियाँ: ये पहाड़ियाँ भारत के सुदूर उत्तर-पूर्व में चीन व भारत की सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश में स्थित हैं| इन पहाड़ियों की सीमा पर मिश्मी और मिरी पहाड़ियाँ स्थित हैं| ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी दिबांग इस क्षेत्र में ही प्रवाहित होती है|  
  • मिश्मी पहाड़ियाँ: ये पहाड़ियाँ हिमालय के दक्षिणी विस्तार के सहारे पायी जाती हैं और इनका पूर्वी व उत्तरी भाग चीन की सीमा को स्पर्श करता है|
  • पटकई बूम पहाड़ियाँ: ये पहाड़ियाँ भारत व म्यांमार की सीमा के सहारे विस्तृत हैं और इनका निर्माण हिमालय की उत्पत्ति के दौरान ही मेसोजोइक कल्प में विवर्तनिक गतिविधियों से हुआ है| हिमालय के समान यहाँ भी तीव्र ढाल, नुकीली चोटियाँ व गहरी घाटियाँ पायी जाती हैं|

Jagranjosh

Image Courtesy: upscportal.com

  • नागा पहाड़ियाँ: ये पहाड़ियाँ भारत व म्यांमार की सीमा का निर्माण करती और और इनका विस्तार भारत के नागालैंड राज्य में पाया जाता है|
  • मणिपुर पहाड़ियाँ: इन पहाड़ियाँ का विस्तार मुख्यतः मणिपुर राज्य में मिलता है और पश्चिम में ये असम राज्य, दक्षिण में मिजोरम, पूर्व में म्यांमार देश व उत्तर में नागालैंड राज्यों से घिरी हुई हैं |
  • मिज़ो पहाड़ियाँ: दक्षिण-पूर्वी मिजोरम राज्य में स्थित इन पहाड़ियों को पूर्व में ‘लुशाई पहाड़ियों’ के नाम से जाना जाता था| ये पहाड़ियाँ अराकान योमा तंत्र के उत्तरी भाग का निर्माण करती हैं|
  • त्रिपुरा पहाड़ियाँ:  ये पहाड़ियाँ त्रिपुरा राज्य में अवस्थित हैं| ये उत्तर से दक्षिण समानान्तर वलनों की एक श्रेणी है, जिसकी ऊँचाई दक्षिण की ओर घटती जाती है और अंततः गंगा-ब्रह्मपुत्र निम्नभूमि में जाकर मिल जाती है|
  • मीकिर पहाड़ियाँ: असम के काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क के दक्षिण में ये पहाड़ियाँ स्थित हैं और कार्बी-आंगलांग पठार का एक हिस्सा हैं| इस क्षेत्र में धनसिरी व जमुना नदियाँ प्रवाहित होती हैं|
  • गारो पहाड़ियाँ: मेघालय राज्य में स्थित इन पहाड़ियों को पृथ्वी के सर्वाधिक आर्द्र स्थानों में से एक माना जाता है| नोकरेक इसकी सबसे ऊंची चोटी है|
  • ख़ासी पहाड़ियाँ: मेघालय राज्य में स्थित इन पहाड़ियों का नाम ख़ासी जनजाति के नाम पर रखा गया है, जोकि इस क्षेत्र में निवास करती हैं| चेरापूँजी, जोकि विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है, पूर्वी ख़ासी पहाड़ियों में ही स्थित है और शिलांग के पास स्थित लूम-शिलांग सबसे ऊंची चोटी है|
  • जयंतिया पहाड़ियाँ: ये मुख्य रूप से मेघालय राज्य में गारो पहाड़ियों के पूर्व में स्थित हैं|