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भारत का राष्ट्रीय प्रतीकः मुख्य तथ्य एक नजर में

राष्ट्रीय प्रतीक को अशोक की राजधानी सारनाथ के सिंह स्तंभ से लिया गया है। वास्तव में स्तंभ पर चार सिंह हैं, जो एक दूसरे की तरफ पीठ किए खड़े हैं। इसका गोलाकार कंठ चक्र से चार भागों में बंटा है। इसमें क्रमशः हाथी, घोड़ा, बैल और सिंह की सजीव प्रतिकृतियां उकेरी गई हैं। पॉलिश किए गए बलुआ पत्थर के एक बड़े टुकड़े पर इस प्रतीक को उकेरा गया है I
Jun 30, 2016 17:33 IST
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राष्ट्रीय प्रतीक को अशोक की राजधानी सारनाथ के सिंह स्तंभ से लिया गया है। वास्तव में स्तंभ पर चार सिंह हैं, जो एक दूसरे की तरफ पीठ किए खड़े हैं। इसका गोलाकार कंठ चक्र से चार भागों में बंटा है। इसमें क्रमशः हाथी, घोड़ा, बैल और सिंह की सजीव प्रतिकृतियां उकेरी गई हैं। पॉलिश किए गए बलुआ पत्थर के एक बड़े टुकड़े पर इस प्रतीक को उकेरा गया है |

देश के प्रतीक को भारत सरकार ने 26 जनवरी 1950 को अपनाया था। इसमें सिर्फ तीन सिंह ही दिखाई देते हैं, और चौथा इनके पिछे छिपा रहता है। केंद्र में दिखने वाले चक्र की दाईं तरफ बैल और बाईं तरफ घोड़ा है। घंटी के आकार का कमल हटा दिया गया है। मुंडका उपनिषद से लिए गए शब्द सत्यमेव जयते (सत्य की विजय होती है), को देवनागरी लिपि में उकेरा गया है।

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‘जन गण मन’: भारत का राष्ट्र गान

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छवि स्रोतः www.imsharma.com

i. राष्ट्रीय प्रतीक को अशोक के सारनाथ के स्तूप से लिया गया है।

ii. सरकार ने इस प्रतीक को 26 जनवरी 1950 को अपनाया, इसी दिन भारत एक गणतंत्र राष्ट्र बना था।

iii. इस प्रतीक में, सिर्फ तीन सिंह ही दिखाई देते हैं, चौथा छिपा रहता है।

iv. केंद्र में दिखाई देने वाले चक्र की दाईं तरफ बैल और बाईं तरफ एक घोड़ा है।

v. राष्ट्रीय प्रतीक में दिखाए गए सिंह शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और गर्व को प्रदशि॔त करते हैं।

vi. हाथी बुद्ध का अवतार है (इनकी माता ने सपना देखा था कि एक सफेद हाथी ने उनके गर्भ में प्रवेश किया है) ।

vii.  बैल, बुद्ध की राशि वृषभ का प्रतीक है। घोड़ा उस घोड़े का प्रतीक है जिस पर बैठ कर वे जीवन का सार ढूंढ़ने के लिए घर से निकल पड़े थे। सिंह आत्मज्ञान की प्राप्ति का प्रतीक है।

viii. सत्यमेव जयते शब्द अबेकस के नीचे देवनागरी लिपि में लिखा है। ये शब्द मुंडकोपनिषद से लिए गए हैं, जिसका अर्थ होता है 'सत्य की विजय होती है'।

ix. सारनाथ के सिंह स्तंभ जैसी संरचना थाईलैंड में भी मिली थी।

x. इस राष्ट्रीय प्रतीक का प्रयोग सिर्फ शासकीय प्रयोजनों में किया जाता है क्योंकि इसमें सर्वोच्च सम्मान और निष्ठा निहित है ।

xi. सारनाथ के सिंह स्तंभ का प्रयोग विभिन्न सरकारी पत्रों पर किया जाता है और यह भारतीय मुद्रा पर भी मुद्रित होता है।

xii. अशोक चक्र भारतीय राष्ट्रीय झंडे का हिस्सा है।

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राष्ट्रीय प्रतीक के साथ भारतीय मुद्रा और सिक्के

Image source: www.scvhistory.com

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