Search

हाथी: भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु

जैव वैज्ञानिक दृष्टि से हाथी एलिफ़ैंटिडी (Elephantidae) परिवार (Family) व प्रोबोसीडिया क्रम (Order) का जानवर है, जोकि पृथ्वी पर विचरण करने वाला सबसे विशालकाय स्तनधारी (Mammal) है। एशियाई हाथी (Elephas maximus) व अफ़्रीकी हाथी (Loxodonta africana) नाम की इसकी दो प्रजातियाँ पायी जाती हैं | अक्टूबर 2010 में हाथी को भारत का ‘राष्ट्रीय विरासत पशु’ घोषित किया गया है|
Mar 17, 2016 17:45 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

जैव वैज्ञानिक दृष्टि से हाथी एलिफ़ैंटिडी (Elephantidae) परिवार (Family) व प्रोबोसीडिया क्रम (Order) का जानवर है, जोकि पृथ्वी पर विचरण करने वाला सबसे विशालकाय स्तनधारी (Mammal) है। एशियाई हाथी (Elephas maximus) व अफ़्रीकी हाथी (Loxodonta africana) नाम की इसकी दो प्रजातियाँ पायी जाती हैं |

Jagranjosh

हाथी से संबन्धित रोचक तथ्य

• अक्टूबर 2010 में हाथी को भारत का ‘राष्ट्रीय विरासत पशु’ घोषित किया गया है|

• हाथी एक शाकाहारी जीव है, जो घने जंगलों से लेकर सवाना (घास के खुले मैदान) तक में मिलता है|

• वृहद शारीरिक आकार, लंबी सूँड, स्तंभाकार पैर, विशाल कान और बड़ा सिर हाथी की विशिष्ट पहचान है।

• इसके कानों के ऊपर पाये जाने वाले बड़े-बड़े कर्ण-पल्लव (Ear Flaps) इसके शारीरिक तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं|

• इसकी लंबी सूँड वास्तव में इसकी नाक का ही विस्तारित रूप है|

• हाथी की स्मरण शक्ति बहुत अच्छी होती है और ये एक-दूसरे के साथ सूचना का आदान प्रदान कर सकने में सक्षम हैं|

• हाथी एक जटिल भाषा और शारीरिक भंगिमाओं के सहारे आपस में बात करते हैं, जैसे- जब एक हाथी दूसरे हाथी के सामने घुटने टेकता है तो इसका मतलब है कि वह दूसरे हाथी को खेलने के लिए आमंत्रित कर रहा है|

• हाथी दिन के अधिकांश समय को भोजन की तलाश व समूह में रहकर गुजारता है| यह एक दिन में लगभग 300 पाउंड भोजन खा सकता है|

• हाथी न तो उछल सकते और न ही दौड़ सकते हैं|

• ये पानी से खेलने के बहुत शौकीन होते हैं और एक बार में लगभग दो गैलन तक पानी पी सकते हैं|

• हाथी लगभग 70 वर्ष तक जीवित रहता है|

• एक सामान्य हाथी के दिल का वजन  27 से 46 पाउंड तक होता है|

• हाथी का मस्तिष्क काफी विकसित होता है, जोकि सभी स्तनधारियों में सबसे बड़ा भी होता है| हालांकि इसका मस्तिष्क इंसान की तुलना में तीन से चार गुना बड़ा होता है लेकिन शारीरिक अनुपात की दृष्टि से देखें तो यह अपेक्षाकृत छोटा ही होता है|

• हाथी की त्वचा लगभग एक इंच मोटी होती है|

• यह 16 वर्ष की आयु के बाद प्रजनन कर सकता है, लेकिन प्रायः किसी भी हाथी के चार से अधिक बच्चे नहीं पाये जाते हैं|

• हाथी का प्रजनन काल सभी जानवरों से अधिक होता है| मादा हाथी द्वारा भ्रूण धारण के लगभग 22 महीने बाद बच्चे को जन्म दिया जाता है|

• प्रायः हाथी स्लेटी भूरे रंग के होते हैं, लेकिन कुछ हाथी सफेद रंग के भी होते हैं, जिन्हें 'एल्बिनो' कहा जाता है| म्यांमार आदि देशों में 'एल्बिनो' हाथी पवित्र माने जाते हैं और इनसे कोई काम नहीं लिया जाता।

संबन्धित लेख:

बाघ: भारत का राष्ट्रीय पशु

वंदे मातरम् : भारत का राष्ट्रीय गीत

राष्ट्रीय प्रतीक

Jagranjosh

Source: mirror.co.uk

• भारतीय हाथी का वज़न लगभग 5,500 किलोग्राम होता है और ऊँचाई लगभग 3 मीटर होती है|

• बच्चे के जन्म से लेकर तीन-चार वर्षों तक मादा हाथी बच्चे को दूध पिलाती है और सिंह, बाघ, चीते आदि से उनकी रक्षा करती है।

• जंगलों में हाथी वरिष्ठ मादा हाथी के नेतृत्व में छोटे पारिवारिक झुण्डों में रहते हैं। अधिकांश नर मादाओं से अलग झुण्ड में रहते हैं।

Jagranjosh

Source: wordpress

• भोजन और पानी की उपलब्धता के अनुसार, हाथी मौसमी प्रवास भी करते हैं।

• खाते समय हाथी इस प्रकार खड़े होते है कि सबसे बड़ा मादा हाथी हवा की दिशा में खड़ा हो और बच्चे उसे ढूंढ सकें।

• हाथी की सूँड लगभग 2 मीटर लंबी और प्राय: 136 किलोग्राम वजन की होती है| यह अस्थिहीन, लचीली और असाधारण रूप से मज़बूत होती है,जिसके सहारे हाथी सूँघता है, पानी पीता है, भोजन प्राप्त कर उसे मुँह में डालता है|

• किसी-किसी भारतीय नर हाथी के गजदंत नहीं होते हैं, तो ऐसे हाथी को 'मखना' हाथी कहते हैं जिसका शरीर असाधारण रूप से बड़ा होता है।

• हाथी नियमित रूप से स्नान करता है और अपने बच्चों को भी कराता है| हाथी एक अच्छा तैराक भी होता हैं,जो बाकी शरीर को पानी के नीचे रखकर केवल  सूँड़ को बाहर निकालकर साँस ले सकता है।

Jagranjosh

Source: cloudfront.net

• हाथी अपनी सूँड़ों को आपस में मिलाकर आपस में प्रेम व लगाव को व्यक्त करते हैं|

Jagranjosh

Source: elephantnaturepark

• हाथी इंसान की ध्वनि क्षमता से कम परिसर वाली पराश्रव्य ध्वनि तरंगें भी सुन सकता है|

• हाथी अपने पैरों के द्वारा दूसरे हाथी के द्वारा उत्पन्न पराश्रव्य ध्वनि तरंगों को पृथ्वी के धरतलीय कंपन्नों के सहारे सुन सकता है| अतः हाथी अपने पैरों से सुन सकता है|

• हाथी आवास के विनाश और मनुष्यों द्वारा किए जा रहे शोषण के कारण अपने अस्तित्व के लिए संघर्षरत है। हाथी दाँत के व्यापार व मांस के लिए इनका शिकार किया जाता है| हाथी को संरक्षण प्रदान करने के लिए ही भारत ने इसे 'राष्ट्रीय विरासत पशु' घोषित किया है|