CBSE को मिला नया चीफ, IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम बने नए चेयरमैन, यहां पढ़ें पूरा प्रोफाइल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(CBSE) को अपना नया चीफ मिल गया है। 2001 बैच के IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम बोर्ड के नए चेयरमैन बनाए गए हैं। सीताराम अपने अनुशासित और कड़क अंदाज के लिए जाने जाते हैं। साथ ही, पॉलिसी एक्सपर्ट भी हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(CBSE) में 2 जून, 2026 को बड़ा बदलाव हुआ है। कॉपी चेकिंग विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव का ट्रांसफर कर दिया है। अब 2001 बैच के IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम देश के सबसे बड़े एजुकेशन बोर्ड में शामिल सीबीएसई के नए चेयरमैन हैं। अब बोर्ड से जुड़े सभी अहम फैसले वह ही लेंगे।
वहीं, मौजूदा समय में चल रहा विवाद भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। इस लेख में हम IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम के बारे में जानेंगे।
इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आते हैं लोखंडे प्रशांत सीताराम
नवंबर, 1973 में जन्मे लोखंडे प्रशांत सीताराम ने पुणे यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवाओं की तैयारी की और 2001 में वह IAS अफ्सर बने।
गृह मंत्रालय में दे चुके हैं सेवाएं
IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम प्रशासनिक सेवाओं के मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उन्हें प्रशासन का लंबा अनुभव है। लोखंडे सीताराम 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह AGMUT(अरूणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के अधिकारी हैं। सीबीएसई चेयरमैन बनने से पहले वह गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सख्त अनुशासन के लिए जाने जाते हैं प्रशांत सीताराम
IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम अपने कड़क अनुशसान के लिए जाने जाते हैं। वह प्रशासनिक कामकाज को लेकर काफी सक्रिय और सजग रहते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें सरकार की पॉलिसी मामलों का एक्सपर्ट भी माना जाता है।
इन पदों पर रह चुके हैं प्रशांत सीताराम
IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम अपनी 25 साल की सेवा में भारत सरकार में विभिन्न अहम पदों पर रह चुके हैं। वह सचिव, उप-सचिव, संयुक्त सचिव, निजी सचिव, उपायुक्त, निदेशक और काउंसलर जैसे पदों पर अपनी सेवा दे चुके हैं।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिल चुका है गोल्ड मेडल
IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम को राज्यों में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो बार गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया गया है।
चेयरमैन के सामने रहेंगी ये बड़ी चुनौतियां
नए चीफ प्रशांत सीताराम के सामने सीबीएसई बोर्ड को लेकर कई बड़ी चुनौतियां रहेंगी, जो कि इस प्रकार हैंः
ताजा विवाद को खत्म करना
मौजूदा समय में सीबीएसई में डिजिटल चेकिंग का मुद्दा गरमाया हुआ है। ऐसे में सबसे पहले नए चीफ की चुनौती इस विवाद से निपटना और इसका समाधान करना रहेगी। साथ ही, हर साल सीबीएसई के लाखों परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शी और बिना किसी तकनीकी खराबी के परीक्षाओं का आयोजन करवाना भी उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी रहेगी।
स्कूलों की रहेगी जिम्मेदारी
सीबीएसई से देश-विदेश के करीब 25,000 स्कूल जुड़े हुए हैं। ऐसे में लाखों शिक्षक और करोड़ों छात्र भी सीबीएसई का हिस्सा हैं। इन सभी की समस्याएं सुनना और उनका समय से समाधान करना भी नए चेयरमैन के लिए बड़ी चुनौती रहेगी।
नई शिक्षा नीति का पालन करवाना
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति रटने के बजाय सीखने पर जोर देती है। ऐसे में छात्रों पर शिक्षा का दबाव कम कर छात्रों को रटने के बजाय सीखने के लिए प्रेरित करना और नए सिलेबस और नए एग्जाम पैटर्न को लागू करवाना भी लोखंडे के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी।
छात्रों को समय पर मिले दाखिला
इस समय छात्र कॉलेज एडमिशन और JoSAA काउंसलिंग के लिए अपने संशोधित मार्कशीट का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, वर्तमान में कॉपी चेकिंग के चल रहे विवाद के कारण छात्रों के दाखिले में देरी हो सकती है। ऐसे में नए चीफ को कॉपियों का विवाद जल्द से जल्द खत्म करने और संशोधित मार्कशीट जारी करने का दबाव रहेगा, जिससे किसी भी छात्र को पूरा साल खराब न हो।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.